नरेंद्र सिंह तोमर और निर्मला सप्रे को हाईकोर्ट से नोटिस जारी, 10 दिन में देना होगा जवाब, जानें पूरा मामला
इंदौर हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और विधायक निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया. बीना विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार ने याचिका लगाई थी. निर्मला सप्रे की विधायकी को निरस्त करने के लिए याचिका पेश की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया.
इंदौर हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और विधायक निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया. बीना विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंधार ने याचिका लगाई थी. निर्मला सप्रे की विधायकी को निरस्त करने के लिए याचिका पेश की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया. याचिका में निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने की मांग रखी गई है. 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा. अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी.
हाईकोर्ट में दायर याचिका में उमंग सिंघार ने कहा था कि बीना से विधायक सप्रे ने कांग्रेस की सदस्यता छोड़कर कर भाजपा ज्वॉइन की है. निर्मला सप्रे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी. सिंघार ने बताया कि इस संबंध में सप्रे की विधायकी निरस्त करने की गुहार लगाते हुए मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समक्ष एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन अध्यक्ष ने अब तक इसका कोई जवाब नहीं दिया. इससे व्यथित होकर हाई कोर्ट की शरण लेना पड़ी है.
शीतकालीन सत्र से पहले सदस्यता रद्द करने की मांग
सिंघार ने कहा है कि सप्रे की सदस्यता विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले निरस्त की जाए. याचिका में तर्क दिया गया है कि संविधान की अनुसूची 10 के अनुसार अगर कोई विधायक दल बदलता है, उसकी विधानसभा से सदस्यता निरस्त की जानी चाहिए. अगर दल-बदल के बाद भी ऐसे व्यक्ति को विधायक बने रहना है तो उसे फिर से चुनाव लड़ना पड़ेगा. अपडेट जारी है...
2023 में कांग्रेस से चुनाव जीती थीं निर्मला सप्रे
मध्य प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव में निर्मला सप्रे ने सागर की बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. लोकसभा चुनाव के दौरान निर्मला सप्रे की भाजपा से करीबी बढ़ने लगी. निर्मला सप्रे मई में राहतगढ़ कस्बे में आयोजित बीजेपी की चुनावी जनसभा में मंच पर पहुंची थीं. निर्मला सप्रे ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के हाथों भाजपा का गमछा गले में पहना था. भाजपा नेताओं ने मंच से यह ऐलान किया गया कि निर्मला सप्रे ने पार्टी जॉइन कर ली है. सप्रे ने भी कहा था कि वे बीना के विकास के लिए भाजपा के साथ आई हैं. हालांकि, सप्रे ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया.
साभार