नेटवर्क प्रॉब्लम? व्हाट्सएप पर ‘विकसित भारत’ संदेश बंद करे सरकार... चुनाव आयोग का आदेश
आचार संहिता लागू होने के बाद व्हाट्सएप पर मिले सरकार के संदेशों पर मंत्रालय ने दलील दी है कि शायद नेटवर्क प्रॉब्लम के चलते मैसेज देरी से मिले हों. कहा गया कि सरकार की तरफ से ये मैसेज आचार संहिता लगने से पहले ही भेजे गए थे. कांग्रेस समेत कई दलों ने इसकी शिकायत की थी.
चुनाव आयोग ने आज केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह ‘विकसित भारत संपर्क’ के तहत बड़ी संख्या में व्हाट्सएप संदेश भेजना तुरंत बंद करे. ‘विकसित भारत संपर्क’ का उद्देश्य सरकार की पहलों के बारे में जनता में प्रचार करना है. कांग्रेस ने कुछ दिन पहले इसकी शिकायत की थी. इसमें पीएम का संदेश 'प्यारे परिवार जन' के नाम से लोगों के व्हाट्सएप पर भेजा जा रहा था. कुछ दिन पहले लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू है.
मामले की शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस संबंध में निर्देश जारी किया. आयोग ने कहा, ‘यह कदम चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों का हिस्सा है.’ उसने मंत्रालय से इस मामले पर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है.
उधर, मंत्रालय ने आयोग को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र के साथ जारी संदेश 16 मार्च को आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले भेजे गए थे. मंत्रालय ने आयोग को सूचित किया कि कुछ संदेश संभवतः नेटवर्क संबंधी कारणों की वजह से प्राप्तकर्ताओं तक देरी से पहुंच सके.
आयोग को कई शिकायतें मिली थीं कि आम चुनाव 2024 की घोषणा और आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार की विभिन्न पहल को बताने वाले ऐसे संदेश अब भी आम जनता के फोन पर भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने इस संदेश पर आपत्ति जताई थी और आयोग से कार्रवाई करने का अनुरोध किया था.
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