पश्चिम UP की इन सीटों पर रहेगी BJP की खास नजर, पहले चरण में 19 अप्रैल को है वोटिंग
2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 9 सीटों का नुकसान हुआ था जिसमें से पश्चिमी यूपी की भी कई सीटें शामिल थीं. बीजेपी इस बार 2019 का चुनावी इतिहास नहीं रिपीट करना चाहेगी.
2019 में इसी क्षेत्र में हुआ था नुकसान.
बीजेपी चाहेगी कि रिपीट न हो 2019.
देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश में में सभी सात चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी. इस चरण में यूपी की 8 लोकसभा सीटों पर वोटिंग होगी और सभी सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हैं. बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 9 सीटों का नुकसान हुआ था जिसमें से पश्चिमी यूपी की भी कई सीटें शामिल थीं. बीजेपी इस बार 2019 का चुनावी इतिहास नहीं रिपीट करना चाहेगी और इसी वजह से पार्टी ने पहले चरण की सभी 8 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए जान झोंक दी है. इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजियाबाद सीट पर बड़ा रोड शो भी किया है.
इन सीटों पर होने हैं चुनाव
पहले चरण में जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें कैराना, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद,नगीना, रामपुर और पीलीभीत शामिल हैं. जहां पांच सीटें पश्चिम यूपी से हैं तो वहीं रुहेलखंड की तीन सीटें शामिल है. इन क्षेत्रों में बीजेपी को बीते लोकसभा चुनाव में महज तीन ही सीटों पर विजय मिली थी. बीजेपी को कैराना, मुजफ्फरनगर और पीलीभीत में जीत मिली थी. वहीं सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और नगीना में सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी जीते थे.
बीजेपी के लिए क्या है राहत की बात
हालांकि बीजेपी के लिए इस बार राहत की बात यह है कि राष्ट्रीय लोकदल के साथ उसका गठबंधन हो चुका है तो दूसरी तरफ अब सपा और बसपा भी अलग अलग चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन चुनावी रणनीति पर बेहद गंभीरता से ध्यान देने वाली बीजेपी कोई भी मौका चूकना नहीं चाहेगी. और यही वजह है कि बीजेपी जबरदस्त चुनाव प्रचार में लगी हुई है.
नड्डा कर रहे हैं पहली रैली, योगी भी आ चुके
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा आज पश्चिम यूपी में पहली चुनावी रैली कर रहे हैं. नड्डा नगीना से बीजेपी और आरएलडी के संयुक्त प्रत्याशी ओमकुमार के पक्ष में वोट मांगते दिखेंगे. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां सभाएं कर चुके हैं. सहारनपुर भी ऐसी सीट है जहां से बीजेपी ने एक बार फिर राघव लखनपाल को प्रत्याशी बनाया है जो 2014 में चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि उन्हें 2019 में हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस बार राजनीतिक समीकरण बदले हुए हैं.
अगर रामपुर सीट की बात करें तो यह सपा दिग्गज आजम खान के प्रभाव वाली सीट रही है लेकिन इस सीट पर उपचुनाव बीजेपी जीत चुकी है और वह किसी भी रूप में अब अपना कब्जा नहीं छोडना चाहेगी. बीजेपी ने इस बार भी घनश्याम लोधी को अपना प्रत्याशी बनाया है जो उपचुनाव भी जीते थे.
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