प्राण प्रतिष्ठा के 2 महीने पूरे, 1 करोड़ से ज्यादा भक्तों ने किए रामलला के दर्शन
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को 2 महीने पूरे हो गए हैं. 22 जनवरी से ही रोजाना यहां बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. अब तक करीब 1 करोड़ 15 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं.
22 जनवरी को ऐतिहासिक आयोजन में अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन हुआ. रामलला की मनमोहक मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, जिसके दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. आलम यह है कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से अयोध्या आने वाले भक्तों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. आलम यह है कि रोजाना करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु अयोध्या राम मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं.
60 दिन में 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद से 22 मार्च तक यानी कि 2 महीने में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करने के लिए करीब 1 करोड़ 15 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं. यानी कि प्रतिदिन राम मंदिर में आने वाले आगंतुकों की बात करें तो यह आंकड़ा औसतन डेढ़ से 2 लाख का है. यानी कि अब तक 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं को भगवान रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य मिल चुका है
विदेशी पर्यटक भी बढ़ रहे
आराध्य प्रभु राम के दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से तो श्रद्धालु पहुंच ही रहे हैं. लेकिन यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी खासी बढ़ोतरी हुई है. 2017 में जब से यूपी सरकार ने अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन शुरू किया है, तब से ही अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है. बीते कुछ सालों में अयोध्या में बड़े पैमाने पर डेवलप हुए इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी इस प्राचीन और सांस्कृतिक शहर की ओर पर्यटकों का रुझान बढ़ाया है.
राम नवमी पर विशेष आयोजन
प्रभु राम के जन्मोत्सव राम नवमी के दिन अयोध्या राम मंदिर में विशेष आयोजन होने जा रहा है. राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यह राम नवमी का पहला आयोजन है और इसमें सम्मिलित होने के लिए बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसके लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं. राम नवमी के दिन रामलला का सूर्य रश्मियों से तिलक होगा. दरअसल, एक खास प्रोजेक्ट के जरिए ऐसी व्यवस्था की गई है हर साल राम नवमी के दिन सूर्य की किरणें प्रभु राम की मूर्ति के मस्तक पर पड़ेंगी.
साभार