फडणवीस ने शिंदे पर कसा शिकंजा! फंड आवंटन पर लगाई रोक, अब लेनी होगी सीएम की परमिशन

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को झटका देते हुए शहरी विकास मंत्रालय के फंड आवंटन पर अंकुश लगा दिया है। अब फंड आवंटन के लिए उन्हें सीएम फडणवीस की इजाजत लेनी होगी।

Jul 23, 2025 - 19:54
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फडणवीस ने शिंदे पर कसा शिकंजा! फंड आवंटन पर लगाई रोक, अब लेनी होगी सीएम की परमिशन

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों दिलचस्प मोड़ ले रही है। जहां एक ओर बीजेपी और शिवसेना (UBT) में बढ़ रही नजदीकी की चर्चा जोरों पर है वहीं शिवसेना शिंदे के साथ बीजेपी के रिश्तों में तल्खी के संकेत मिल रहे हैं। अब सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने शहरी विकास विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं के लिए अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया है। यह विभाग डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के पास है।

फंड आवंटन के एकाधिकार पर शिकंजा!

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को झटका देते हुए शहरी विकास मंत्रालय के फंड आवंटन पर अंकुश लगा दिया है। अब फंड आवंटन के लिए उन्हें सीएम फडणवीस की इजाजत लेनी होगी। माना जा रहा है कि इस कदम से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एकाधिकार को रोकने के प्रयास किया गया है।

विधायकों ने की थी शिकायत

दरअसल, आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में बड़ी कामयाबी हासिल करने के लिए एकनाथ शिंदे ने पूरा जोर लगा दिया है। चर्चा है कि एकनाथ शिंदे अपने सभी पार्षदों, विधायकों और उनके स्ट्रॉंग होल्ड वाले नगर पालिकाओं को मजबूत करने के लिए दिल खोलकर फंड का आवंटन कर रहे थे। कुछ विधायकों ने शिकायत की थी कि उन्हें जनहित कार्यों के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल रहा रहे हैं।

सीएम की निगरानी में फंड आवंटन

इसी शिकायत के आधार पर शहरी विकास विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाली वित्तीय अनियमितताओं एवं भेदभाव को रोकने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य विभिन्न निगमों, नगरपालिकाओं और विकास योजनाओं में पारदर्शिता लाना और धन के वितरण में सभी पक्षों को न्यायसंगत अवसर देना है। आगे की सभी शहरी योजनाओं और फंड आवंटन के फैसले मुख्यमंत्री की निगरानी में होंगे। भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह फैसला महायुति के तीनों प्रमुख नेताओं की सहमति से लिया गया है।

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