बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घर आएगा पोलिंग बूथ, बस भरना होगा ये फॉर्म
मध्यप्रदेश में मतदान की तारीख से ठीक पांच दिन पहले निर्वाचन आयोग की टीम मतदान कराएगी.
मध्य प्रदेश के 12 लाख मतदाताओं को घर से वोट देनी की सुविधा देगी. इसमें 80 वर्ष से अधिक उम्र के और दिव्यांग मतदाता शामिल हैं. उन्हें बस फॉर्म 12डी भरकर चुनाव अधिसूचना के 5 दिनों के भीतर जमा करना होगा. आयोग की टीम उनके घर आएगी, उन्हें डाक मतपत्र भरने में मदद करेगी और इसे एक सीलबंद लिफाफे में जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा कर देगी. वे पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड भी करेंगे. इस बार कर्मचारी घर से मेल बैलेट के जरिये मतदान नहीं कर सकेंगे. उन्हें प्रशिक्षित होकर मतदान केंद्र पर जाकर मतदान करना होगा. मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी साझा की.
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मिले फीडबैक के आधार पर चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ज्यादातर तैयारियां कर ली हैं. पार्टियों ने परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक ही केंद्र पर रखने और अयोग्य नामों को हटाने का अनुरोध किया. किसी भी त्रुटि के लिए मतदाता सूचियों की समीक्षा की जाएगी और सुधार का अनुरोध किया जा सकता है.
बता दें कि 95 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान राज्य के औसत से कम रहा. इससे निपटने के लिए प्रत्येक विधानसभा में कम मतदान वाले 50-50 केंद्रों पर फोकस करते हुए मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. यदि शराब या नकदी वितरण के बारे में कोई शिकायत हो तो सी विजिल ऐप पर इसकी सूचना दी जा सकती है. 100 मिनट के अंदर कार्रवाई होगी. साथ ही उम्मीदवारों की पहचान के लिए केवाईसी ऐप भी होगा, जो आपराधिक रिकॉर्ड समेत पूरी जानकारी देगा. वहीं फेक न्यूज से निपटने के लिए इंटरनेट मीडिया पर नजर रखी जाएगी.
अधिकारियों को अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. बैंक अधिकारियों को पैसे की अनियंत्रित निकासी पर नजर रखने को कहा गया है. इस चर्चा के दौरान चुनाव आयुक्त अनुप चंद्र पांडे, अरुण गोयल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुपम राजन और अन्य अधिकारी मौजूद थी