भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ था, भगवान विष्णु से है खास कनेक्शन
देवों के देव महादेव के जन्म की पीछे कई रोचक कहानियां छिपी हुई हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव का जन्म नहीं हुआ बल्कि उनकी उत्पत्ति हुई थी. आइए विस्तार में जानते हैं कि कैसे भगवान शिव की उत्पत्ति हुई थी.
हिंदू धर्म सबसे पवित्र पर्व महाशिवरात्रि का त्योहार देशभर में 8 मार्च के दिन मनाया जाएगा, जिसे लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में धूमधाम से तैयारियां शुरू हो गई हैं. मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती के साथ भोलेनाथ का विवाह हुआ था. दोनों लोग इसी दिन पावन बंधन में दुनिया के सामने बंधे थे.
भगवान भोले की पत्नी पार्वती, उनके बेटे गणेश और कार्तिकेय के जन्म के बारे में तो हर कोई जानता है. लेकिन क्या भगवान शिव के जन्म कैसे हुआ इसके बारे में किसी को ज्ञात है! अगर नहीं तो चलिए इसके पीछे की अलग अलग रोचक कहानियों के बारे में जानते हैं.
बता दें कि भगवान शिव ने जन्म नहीं लिया था बल्कि उनकी उत्पत्ति हुई थी. विष्णु पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के माथे का तेज ही भगवान शिव की उत्पत्ति का कारण बना था. यही वजह है कि भगवान शिव हमेशा योग मुद्रा में रहते हैं. भगवान शिव के एक नहीं बल्कि 11 अलग-अलग अवतार हैं.
खंभा है भगवान शिव का अनंत स्वरूप
पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु में बहस हो रही थी. दोनों में बहस छिड़ी हुई थी कि उनमें से सर्वश्रेष्ठ कौन है. तभी वहां पर एक खंभा नजर आया और आकाशवाणी हुई कि दोनों में से जो पहले खंभे का आखिरी छोर ढूंढ लेगा वही सर्वश्रेष्ठ कहलाएगा. लेकिन दोनों ही इस प्रतियोगिता में असफल रहे. जब दोनों वापस खंभे के पास आए तो वहां पर खंभे के बजाय भगवान शिव को पाया. यही वजह है कि खंभा भगवान शिव के अनंत स्वरूपों को दर्शाने के लिए जाना जाता है.
भगवान ब्रह्मा के पुत्र के रूप में प्रकट हुए भगवान शिव
एक और पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ब्रह्मा को सृष्टि की रचना करनी थी, जिस दौरान उन्हें एक पुत्र की जरूरत थी. उसी वक्त रोते हुए भगवान शिव भगवान ब्रह्मा के गोद में प्रकट हो गए. उस वक्त भगवान शिव जोर-जोर से रोने लगे. तब भगवान ब्रह्मा ने उनसे पूछा कि तुम रो क्यों रहे हो तो भगवान शिव ने कहा कि उनका कोई नाम नहीं है. इसके बाद भगवान ब्रह्मा ने उनका नाम रुद्र रख दिया. इसके बाद भी वह चुप नहीं हुए उसके बाद भगवान ब्रह्मा ने भगवान शिव का एक-एक कर के और 8 अलग-अलग नाम रखे
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