भारतीयों के लिए फिर जारी हुई एडवाइजरी, लेबनान छोड़ने को कहा, इजरायल बड़े हमले की तैयारी में
भारत की तरफ से यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है जब इजरायल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं, जिनमें अब तक 620 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग घायल हो चुके हैं.
बेरूत स्थित भारतीय दूतावास की चेतावनी
नवंबर 1998 से भारतीय सेना के जवान लेबनान में तैनात
भारत ने अपने नागरिकों से लेबनान छोड़ने का पुनः आग्रह किया है. ऐसी रिपोर्टें हैं कि इजरायल अपने सैनिकों को देश पर संभावित आक्रमण के लिए तैयार कर रहा है. इजरायल के लगातार लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी हैं. अब ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, IDF (इसराइल रक्षा बल) लेबनान में घुसकर हमला करने की तैयारी में हैं. इस कारण भारत ने ताजा चेतावनी जारी की है.
एक ताजा अपडेट में बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों को 'क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों और तनाव में वृद्धि के मद्देनजर' लेबनान की यात्रा न करने की दृढ़ता से सलाह दी. एडवाइजरी में कहा गया है, 'लेबनान में पहले से मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को भी लेबनान छोड़ने की सख्त सलाह दी जाती है. जो लोग किसी भी कारण से वहां रह जाते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी गतिविधियों को सीमित रखने और बेरूत में भारतीय दूतावास से हमारे ईमेल आईडी: cons.beirut@mea.gov.in या आपातकालीन फ़ोन नंबर +96176860128 के ज़रिए संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है.'
यह अपडेटेड एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब इजरायल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं, जिसमें अब तक 620 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हज़ारों लोग घायल हो चुके हैं. इजरायल के सैन्य प्रमुख हर्ज़ी हलेवी ने सैनिकों से कहा है कि लेबनान पर हवाई हमले हिज़्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और संभावित ज़मीनी हमले के लिए तैयार रहने के लिए जारी रहेंगे.
बेरूत स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, लेबनान में लगभग 4,000 भारतीय नागरिक हैं और उनमें से अधिकांश कम्पनियों, निर्माण क्षेत्र और कृषि फार्मों में श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं.
भारतीय सैनिक भी हैं लेबनान में तैनात
नवंबर 1998 से भारतीय सेना के जवान लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में भी तैनात हैं. बता दें कि अब ताजा चेतावनी से पहले 1 अगस्त को भारतीय दूतावास ने नागरिकों को हमास और हिजबुल्लाह के नेताओं की हत्या के कारण तनाव बढ़ने के बाद 'क्षेत्र में संभावित खतरों' के कारण लेबनान छोड़ने के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी.
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