ममता के 'एकला चलो रे' ने बिगाड़ा INDIA का सुर-ताल, कांग्रेस हो या लेफ्ट... सबकी अपनी ढपली अपना राग

तृणमूल कांग्रेस, लेफ्ट और कांग्रेस... पश्चिम बंगाल में INDIA के सहयोगी एक-दूसरे पर ही हमलावर हैं. ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि वह कांग्रेस या CPI (M) के साथ गठबंधन नहीं करेंगी.

Feb 2, 2024 - 16:30
 0  12
ममता के 'एकला चलो रे' ने बिगाड़ा INDIA का सुर-ताल, कांग्रेस हो या लेफ्ट... सबकी अपनी ढपली अपना राग

सीटों का बंटवारा तो दूर, INDIA के कुछ सहयोगी तो एक-दूसरे के खिलाफ आग उगलने में जुटे हैं. पश्चिम बंगाल में गठबंधन की एकता छिन्‍न-भिन्‍न हो चुकी है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने लेफ्ट और कांग्रेस, दोनों से हाथ मिलाने से मना कर दिया है. पार्टी चीफ और मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही कांग्रेस को ठेंगा दिखा चुकी हैं. गुरुवार को ममता ने CPI-M के साथ आने की सारी संभावनाएं भी खत्म कर दीं. उन्‍होंने कहा कि TMC कभी भी लेफ्ट के साथ गठबंधन नहीं करेगी. TMC सुप्रीमो ने कहा कि लेफ्ट ने अपने शासन के दौरान विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं का खून बहाया. कांग्रेस, लेफ्ट और TMC तीनों ही INDIA के घटक दल हैं. वहीं, CPI-M गुरुवार को बंगाल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में शामिल हुई.

TMC की तरह लेफ्ट भी अपनी कड़वाहट कम करने को राजी नहीं. CPI-M ने कहा है कि अगर TMC विपक्षी धड़े INDIA से अलग हो जाती है तो वह उसका स्वागत करेगी. दोनों पार्टियों के जहर बुझे बयान बताते हैं कि INDIA के लिए एकजुटता अभी दूर की कौड़ी है.

ममता ने गुरुवार को कहा, "जब सीपीआई (एम) यहां सत्ता में थी तो उसने कई लोगों की हत्याएं कीं. उन्होंने कई लोगों की जान ले ली और कई घरों को तबाह कर दिया. उन्होंने सिंगूर में तापसी मलिक (भूमि अधिग्रहण विरोधी कार्यकर्ता) को जिंदा जला दिया. लोगों को आग लगा दी गई और उनके शवों को नंदीग्राम की हल्दी नदी में फेंक दिया गया. हम कभी भी सीपीआई (एम) के साथ गठबंधन में नहीं जाएंगे. उन्होंने शांतिपुर में भी इसी तरह के भयानक अपराध किए."

उन्होंने कहा, "हम गठबंधन चाहते थे, लेकिन कांग्रेस सहमत नहीं थी. उन्होंने चुनाव में बीजेपी की मदद करने के लिए सीपीआई-एम के साथ हाथ मिलाया है... हम ही हैं जो देश में बीजेपी से लड़ सकते हैं."

गुरुवार को राहुल के नेतृत्‍व में कांग्रेस की यात्रा मुर्शिदाबाद से गुजरी. यहां पोलित ब्‍यूरो के सदस्‍य और CPI-P के स्‍टेट सेक्रेटरी मोहम्‍मद सलीम यात्रा से जुड़े. खुली जीत में वह राहुल के साथ जनता को हाथ हिलाते दिखे. सलीम ने बाद में विपक्षी गुट INDIA के बारे में कहा कि बहुत सारे लोग शुरू में स्टेशन से ट्रेन में चढ़ते हैं, लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि कौन भाजपा के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा बना रहेगा और कौन रास्ते में उतर जाएगा. CPI-M नेता ने कहा, "ममता बनर्जी अब ट्रेन से उतरना चाहती हैं और हम इसका स्वागत करते हैं."

कांग्रेस और लेफ्ट का साथ, बिगड़ी TMC से बात!

कांग्रेस शायद अब भी इस मुगालते में है कि वह ममता को मना लेगी. हालांकि TMC राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों पर लड़ने के इरादे जाहिर कर चुकी है. ममता ने गुरुवार को कहा कि चुनाव के बाद, टीएमसी अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ केंद्र में सरकार बनाने की रणनीति पर फैसला करेगी. उन्होंने कहा, "अगर लोग हमारे साथ हैं, तो हम वादा करते हैं, हम दिल्ली (लोकसभा चुनाव) जीतेंगे. चुनाव के बाद, हम सभी क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर ऐसा (सरकार बनाएंगे) करेंगे."

TMC को कांग्रेस का लेफ्ट से मेलजोल बिल्कुल नहीं भा रहा. TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी को सत्तर और अस्सी के दशक में सीपीआई-एम ने भला-बुरा कहा था. अस्सी के दशक के अंत में, बोफोर्स मुद्दे के बाद सीपीआई-एम ने उनके (राजीव गांधी) खिलाफ नारे लगाए और उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए बीजेपी से हाथ मिला लिया. सीपीआई-एम जानती है कि अगर वह 42 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी तो उसकी जमानत जब्त हो जाएगी."

साभार