महाराष्ट्र की सियासी पिक्चर अभी बाकी है! जानें ठाकरे गुट की याचिका पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?
महाराष्ट्र में शिवसेना बनाम शिवसेना का विवाद अभी ठंडा नहीं पड़ा है. सुप्रीम कोर्ट अब ठाकरे गुट की याचिका को सुनने जा रहा है और इसे लिस्ट करने के लिए आज तैयार हो गया. सवाल वही है असली शिवसेना उद्धव गुट की या सीएम एकनाथ शिंदे गुट की.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के फैसले को चुनौती देने वाली शिवसेना- उद्धव गुट की याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा. नार्वेकर के फैसले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके खेमे को असली शिवसेना माना गया है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा, 'हम इसे सूचीबद्ध करेंगे.'
सिब्बल ने कहा, 'मी लॉर्ड, शिंदे सेना के सदस्यों को अयोग्य ठहराने से इनकार करने के महाराष्ट्र के स्पीकर के खिलाफ उद्धव सेना की याचिका आज सूचीबद्ध होनी थी, लेकिन नहीं हुई.' CJI ने कहा कि मामले को लिस्ट करेंगे.
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 22 जनवरी को शिवसेना-यूबीटी के नेता सुनील प्रभु की याचिका पर नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने सीएम शिंदे और 38 अन्य विधायकों से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था.
पूर्व सीएम ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नार्वेकर के 10 जनवरी के फैसले पर सवाल उठाया है. नार्वेकर ने फैसला दिया था कि सीएम शिंदे का समूह असली शिवसेना है क्योंकि इसके पास विधायिका और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी बहुमत है.
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावले ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ठाकरे गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की है. न्यायमूर्ति जी.एस. कुलकर्णी और एफ.पी. पूनावाला की खंडपीठ ने 14 शिवसेना- यूबीटी विधायकों और अन्य को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 8 फरवरी को तय की है
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