मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 हजार के बॉन्ड पर मिली जमानत, जानिए किस मामले में मिली बड़ी राहत

शराब नीति घोटाला मामले में ED अरविंद केजरीवाल को अबतक 8 समन भेज चुकी है. केजरीवाल को 27 फरवरी, 26 फरवरी, 22 फरवरी, 2 फरवरी, 17 जनवरी, 3 जनवरी, 21 दिसंबर और 2 नवंबर को समन भेज गए. हालांकि, वो एक बार भी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. जिसके बाद मामला कोर्ट की चौखट तक पहुंचा था.

Mar 16, 2024 - 16:34
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 15 हजार के बॉन्ड पर मिली जमानत, जानिए किस मामले में मिली बड़ी राहत

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. ईडी के समन की लगातार अनसुनी कर रहे केजरीवाल आखिरकार शनिवार सुबह कोर्ट पहुंचे. अदालत में दलीलें शुरू होते ही उनके वकीलों ने जो जमानत याचिका लगाई वो फौरन स्वीकार हो गई. कोर्ट ने उन्हें 15 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी और केजरीवाल कोर्ट रूम से बाहर निकल गए. कोर्ट में पेश होने के लिए उन्हें 7 मार्च को समन जारी हुआ था.

कोर्ट- क्या आरोपी पेश हो रहे हैं?

केजरीवाल के वकील- हां वो कोर्ट में हैं.

केजरीवाल के वकील- हम जमानत याचिका लगाते हैं.

कोर्ट- 15 हजार के मुचलके पर जमानत मंजूर करते हैं. केजरीवाल कोर्ट से जा सकते हैं. वकील कोर्ट में मौजूद रहें.

ED- इस मामले की धाराएं एक बार देख लीजिए.

कोर्ट- आरोप बेलेबल हैं और आरोपी ने बेल मांगी है.

किस मामले में मिली जमानत

मामला ED की याचिका से जुड़ा है. दिल्ली के कथित शराब घोटाला केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज कोर्ट में पेश हुए. गौरतलब है कि इससे पहले केजरीवाल राउज एवेन्यू कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए थे. कोर्ट द्वारा सुनवाई में वर्चुअली जुड़ने का कारण पूछने पर केजरीवाल ने विधानसभा के बजट सत्र का हवाला देकर व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगते हुए नई तारीख देने की अपील की थी. तब केजरीवाल ने कहा था कि अगर अगली तारीख मिली तो वो खुद पेशी पर आएंगे. इस पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख दे दी थी. 

अबतक 8 समन

शराब नीति घोटाला मामले में ED अरविंद केजरीवार को पूछताछ के लिए अबतक 8 समन भेज चुकी है. केजरीवाल को 27 फरवरी, 26 फरवरी, 22 फरवरी, 2 फरवरी, 17 जनवरी, 3 जनवरी, 21 दिसंबर और 2 नवंबर को समन भेज गए. हालांकि, वो एक बार भी नहीं गए. इसके बाद मामला कोर्ट की चौखट तक पहुंचा था.

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