मोदी सरकार का दशहरे से पहले दिवाली का तोहफा, रेलवे कर्मचारियों को 1866 करोड़ का बोनस
मोदी कैबिनेट ने मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण के लिए CSIR की योजना को मंजूरी दी. मेडकिल शिक्षा और शोध को भी और अधिक विस्तार देने का फ़ैसला लिया.
मोदी सरकार ने दशहरे से पहले ही दिवाली का तोहफा रेलवे कर्मचारियों को देने का ऐलान कर दिया है. कैबिनेट द्वारा आज कई अहम निर्णय लिए गये, जिसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विन वैष्णव ने कहा कि बिहार की बख्तियारपुर–राजगीर–तिलैया रेलवे लाइन का डबल ट्रैकिंग परियोजना ₹2,192 करोड़ की लागत से मंजूर की गई है. 104 किमी लंबी यह परियोजना राजगीर (शांति स्तूप), नालंदा, पावापुरी जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ेगी, 1,434 गांवों और लगभग 13.46 लाख लोगों को लाभ पहुँचाएगी साथ ही गया और नवादा में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी.
सड़क और रेलवे
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 10.9 लाख से अधिक रेल कर्मचारियों को ₹1,866 करोड़ रुपये के 78 दिनों के Productivity Linked Bonus के भुगतान को मंज़ूरी दी है.
बिहार में बख्तियारपुर–राजगीर–तिलैया रेल लाइन खंड के दोहरीकरण को मंजूरी, कुल लागत ₹2,192 करोड़.
बिहार में एनएच-139W के साहेबगंज–अरेराज–बेतिया सेक्शन के 4-लेन निर्माण को हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर मंजूरी, कुल लंबाई 78.942 किमी, लागत ₹3,822.31 करोड़. यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पटना को बेतिया से जोड़ेगा और वैशाली, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिलों सहित भारत-नेपाल सीमा के क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा.
10.91 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB), कुल राशि ₹1,866 करोड़.
बिहार में एनएच-139W के साहेबगंज–अरैराज–बेतिया खंड को चार लेन में विकसित करने की स्वीकृति. यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर 78.942 किमी की लंबाई में बनेगी, लागत ₹3,822.31 करोड़.
केंद्रीय मंत्री अश्विन वैष्णव ने कहा कि " 79 किलोमीटर लंबा साहेबगंज-बेतिया खंड एक महत्वपूर्ण परियोजना है जिस पर अनुमानित 3,822 करोड़ रुपये का निवेश होगा. उत्तर बिहार में बेतिया, मोतिहारी और साहेबगंज से पटना तक फैले सड़क नेटवर्क को चार लेन वाले राजमार्ग में उन्नत किया जाएगा. यह परियोजना उत्तर बिहार और पटना के बीच संपर्क में सुधार लाएगी और वैशाली तथा केसरिया जैसे बिहार के सभी प्रमुख बौद्ध स्थलों को भी जोड़ेगी, तथा वाल्मीकि बाघ अभयारण्य तक पहुँच में सुधार लाएगी. बेतिया और साहेबगंज के बीच यात्रा का समय, जो वर्तमान में लगभग दो घंटे का है, घटकर एक घंटा रह जाएगा."
चिकित्सा शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान
देश में चिकित्सा शिक्षा क्षमता विस्तार की बड़ी पहल. CSS Phase-III के तहत 5,000 नए पीजी सीट्स और CSS विस्तार से 5,023 MBBS सीट्स जुड़ेंगी. कैबिनेट से CSIR स्कीम "कैपेसिटी बिल्डिंग एंड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट" को मंजूरी मिली है, इसका कुल व्यय ₹2,277.397 करोड़ होगा, इसकी अवधि – 2021-22 से 2025-26 (पंद्रहवें वित्त आयोग चक्र) तक है.
वहीं समुद्री एवं जहाज निर्माण क्षेत्र के लिए ₹69,725 करोड़ का पैकेज स्वीकृत. 4-स्तंभ आधारित योजना – जहाज निर्माण, समुद्री वित्त, घरेलू क्षमता वृद्धि और सेक्टर पुनरुत्थान पर केंद्रित.
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