यह बहुत अजीब है, हम पड़ोसी देश के मामले में कैसे दखल दें... हिंदुओं की सुरक्षा के सवाल पर बोला सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. CJI संजीव खन्ना ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह पड़ोसी देश का मामला है. अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया.

Feb 25, 2025 - 17:47
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यह बहुत अजीब है, हम पड़ोसी देश के मामले में कैसे दखल दें... हिंदुओं की सुरक्षा के सवाल पर बोला सुप्रीम कोर्ट

भारत के चीफ जस्टिस (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. यह याचिका भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव समिति के अध्यक्ष और इस्कॉन मंदिर संचालन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेश ढांडा ने दायर की थी. इसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर लक्षित हिंसा से हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की गई थी. 

CJI संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान साफ कहा कि यह मामला विदेश नीति और पड़ोसी देश के आंतरिक मामलों से जुड़ा है, इसलिए शीर्ष अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती. CJI खन्ना ने साफ कहा,'यह पड़ोसी देश का मामला है, और यह अदालत वहां के मामलों में दखल नहीं दे सकती.'

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, CJI ने आगे कहा, 'यह बहुत ही अजीब होगा अगर अदालत दूसरे देश के मामले में हस्तक्षेप करेगी.' उन्होंने फिर आगे कहा,'हम कैसे इस मामले में दखल दे दें, वह हमारा पड़ोसी देश है, उसके मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते!'. इसके बाद अदालत की सलाह पर याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी ने याचिका वापस ले ली, और अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया.

याचिका में क्या मांग की गई थी?

याचिकाकर्ता ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी. साथ ही भारत में शरण लेने वाले बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए नागरिकता आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी. इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं को मदद देने का निर्देश देने की भी गुजारिश की गई थी. इंटरनेशनल कानून के तहत बांग्लादेश पर वैश्विक दबाव बनाने की अपील भी इस याचिका में की गई थी, ताकि वहां हिंदुओं पर हो रहे हमले रोके जा सकें.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमले

पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश में शेख हसीना के पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद हिंदू समुदाय पर कई हमले हुए. उनके मंदिरों, घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक 5 अगस्त से 20 अगस्त 2024 के बीच 49 जिलों में हिन्दू समुदाय के ऊपर 1,068 हमले हुए थे. मोहम्मद यूनुस सरकार के दौरान भी हमले जारी रहे और दिसंबर 2024 तक यह आंकड़ा 2,200 से ज्यादा पहुंच गया. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया कि यह मामला भारत के न्यायक्षेत्र से बाहर है और दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना सही नहीं होगा.

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