रिटायरमेंट से पहले पीएम मोदी के साथ गणेश पूजा पर बोले CJI चंद्रचूड़, बताया- क्या बात हुई थी
पीएम मोदी ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के घर जाकर पूजा की थी। इसके बाद काफी बवाल हुआ था। अब जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस मुलाकात को लेकर खुलकर बात की है
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पीएम मोदी के साथ पूजा करने को लेकर खुलकर बात की है। पीएम मोदी ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के घर जाकर पूजा की थी। इसके बाद काफी बवाल हुआ था। विपक्षी दलों और अन्य लोगों ने कहा था प्रधानमंत्री का इस तरह मुख्य न्यायाधीश से मिलना ठीक नहीं है। अब इस पर खुद सीजेआई ने बयान दिया है। अपने रिटायरमेंट से पहले उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों में न्यायिक मामलों पर चर्चा नहीं होती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना उनकी जगह सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश होंगे।
लोकसत्ता के वार्षिक व्याख्यान में एक सवाल के जवाब में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के लिए नियमित बैठकें आयोजित करना एक परंपरा है। उन्होंने कहा, "लोग सोचते हैं कि ये बैठकें क्यों होती हैं। हमारी राजनीतिक व्यवस्था की परिपक्वता इस बात में निहित है कि राजनीतिक वर्ग में भी न्यायपालिका के प्रति काफी सम्मान है। यह सर्वविदित है। न्यायपालिका का बजट राज्य से आता है। यह बजट न्यायाधीशों के लिए नहीं है। हमें नए न्यायालय भवनों, जिलों में न्यायाधीशों के लिए नए आवासों की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री की बैठकें आवश्यक हैं।"
मुख्यमंत्री के साथ भी होती हैं बैठकें
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। "जब मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होती है, तो वे मुख्यमंत्री के घर जाते हैं। फिर मुख्यमंत्री मुख्य न्यायाधीश के घर आते हैं। इन बैठकों में एजेंडा तय होता है। मान लीजिए, राज्य में 10 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर क्या है, बजट क्या है? मुख्यमंत्री इन प्रोजेक्ट की प्राथमिकताएं बताते हैं। क्या इसके लिए आपको मिलना नहीं पड़ेगा? अगर यह सब चिट्ठियों पर ही होता रहा, तो काम कभी पूरा नहीं होगा।"
उन्होंने कहा, "राजनीतिक व्यवस्था में काफी परिपक्वता है। इन बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री कभी भी किसी लंबित मामले के बारे में नहीं पूछते। 15 अगस्त और 26 जनवरी को, शादी, शोक के अवसर पर मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश एक-दूसरे से मिलते हैं। इससे न्यायिक कार्य पर कोई असर नहीं पड़ता। लोग पूछते हैं कि क्या सौदे हो रहे हैं। यह एक मजबूत संवाद का हिस्सा है।"
वीडियो आने पर हुआ था बवाल
प्रधानमंत्री मोदी मुख्य न्यायाधीश के आवास पर पहुंचे थे। उनके साथ कैमरा भी था और यहां पूजा के दौरान वीडियो बनाया गया था। यह वीडियो सामने आने पर जमकर बवाल हुआ था। शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने इस पर सवाल उठाए थे। आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा था कि पीएम का मुख्य न्यायाधीश के यहां जाकर पूजा करना गलत नहीं है, लेकिन वहां कैमरा होने से संदेह होता है
This is a beautiful video. Every democratic institution in a country should collaborate for the progress of its citizens.
PM Narendra Modi and #CJIDYChandrachud, both proud Hindus, represent a united India during #GaneshUtsav.
It is a celebration deeply rooted in Indian… pic.twitter.com/gcq4nVwqYo — Abhishek Agarwal ???????? (@AbhishekOfficl) September 11, 2024
बीजेपी ने किया था पलटवार
विपक्षी नेताओं के हमले का जवाब देते हुए बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने इसे धर्म से जोड़ा था। उन्होंने कहा था कि जो लोग इफ्तार पार्टियों में प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी की सराहना करते हैं, वे प्रधान न्यायाधीश के घर गणेश पूजा में प्रधानमंत्री को देखकर घबरा जाते हैं। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा था कि 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इफ्तार पार्टी आयोजित की थी, जिसमें भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने भाग लिया था।
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