रेलवे ने बदल दिए तत्काल टिकट बुकिंग के नियम, अब इसके बिना नहीं मिलेगा टिकट?
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकटों के लिए मोबाइल OTP सत्यापन लागू किया है। वर्तमान में यह पायलट 52 ट्रेनों में सफल रहा है और धीरे-धीरे सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य दुरुपयोग रोकना और यात्रियों की सुविधा बढ़ाना है।
भारतीय रेलवे आगामी दिनों में तत्काल टिकटों के लिए खिड़की पर ओटीपी आधारित प्रणाली लागू करने की योजना बना रही है. आम यात्रियों के लिए सुविधा को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा इस ओटीपी-आधारित तत्काल आरक्षण प्रणाली को प्रस्तावित किया है. कोटा मंडल से गुजरने वाली राजधानी एक्सप्रेस (12951/12953) में आज से इसे लागु कर दिया गया है| धीरे धीरे सभी गाड़ियों में लागू किया जायेगा|
सबसे पहले, रेलवे ने जुलाई 2025 में ऑनलाइन तत्काल टिकटिंग के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण शुरू किया. इसके बाद अक्टूबर 2025 में सभी आरक्षित टिकट प्राप्त करने के पहले दिन की ऑनलाइन बुकिंग के लिए ओटीपी-आधारित आरक्षण प्रणाली लागू की गई. यह दोनों पहल आम उपयोगकर्ताओं (रेल यात्रियों) द्वारा सफलतापूर्वक अपनाई गईं, जिससे आरक्षण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित हुई.
52 ट्रेनों में पायलट प्राजेक्ट रहा सफल
रेलवे ने 17 नवंबर 2025 को आरक्षण काउंटरों पर ओटीपी-आधारित तत्काल आरक्षण प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया. वर्तमान में यह प्रणाली कुल 52 ट्रेनों तक विस्तारित की जा चुकी है. इस व्यवस्था के तहत, जब कोई यात्री काउंटर पर तत्काल टिकट बुक कराता है, तो आरक्षण फ़ॉर्म में दिए गए मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है. सफल ओटीपी सत्यापन के बाद ही टिकट की पुष्टि की जाती है.
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि आगामी दिनों में यह ओटीपी-आधारित तत्काल आरक्षण प्रणाली सभी शेष ट्रेनों पर लागू कर दी जाएगी. इस पहल का उद्देश्य तत्काल कोटे के दुरुपयोग को रोकना और वास्तविक यात्रियों को उच्च मांग वाले टिकटों तक बेहतर पहुँच प्रदान करना है. यह रेलवे टिकटिंग में पारदर्शिता, यात्री सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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