रोड एक्सीडेंट के बाद जीतू पटवारी ने मीडिया से की बात, कहा साजिश की कोई बात नहीं

कार एक्सीडेंट के बाद मीडिया से चर्चा में एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा मेरी कार के एक्सीडेंट में कोई साजिश की बात नहीं है. ड्राइवर नशे में था, उसे पुलिस को सौंप दिया है.

Jan 30, 2025 - 16:32
 0  16
रोड एक्सीडेंट के बाद जीतू पटवारी ने मीडिया से की बात, कहा साजिश की कोई बात नहीं

कार एक्सीडेंट के बाद मीडिया से चर्चा में एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा मेरी कार के एक्सीडेंट में कोई साजिश की बात नहीं है. 

ड्राइवर नशे में था, उसे पुलिस को सौंप दिया है. बता दें गुरूवार को सुबह भोपाल इंदौर हाईवे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार को एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी. कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, पर वो पूरी तरह सुरक्षित हैं. पटवारी इंदौर से भोपाल जा रहे थे. पटवारी को किसी भी प्रकार की चोट नहीं आई. इसपर कांग्रेस ने तुरंत एक्स पर पोस्ट कर इसे साजिश या किसी तरह की चेतावनी बताया. लेकिन पटवारी ने बयान से साफ कर दिया कि ये एक्सीडेंट था, कोई साजिश नहीं थी. 

इसके अलावा पटवारी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. सौरभ शर्मा मामले पर पटवारी बोले वो खुद सामने आया था, जांच एजेंसियां उसे नहीं पकड़ पाई थी. कांग्रेस ने पहले ही कहा था सौरभ शर्मा की जान को खतरा है, यही बात उसने भी कही. एजेंसी बेहतर तरीके से हैंडल करे. पटवारी ने कहा अब सौरभ शर्मा आ गया तो डायरी कहां है, ये भी पता चलेगा. डायरी का अस्तित्व खतरे में है. जीतू पटवारी ने कहा इस मामले में हम कोर्ट जाएंगे. हमारी नजर है इस केस पर. सोना और नगदी से तीनों आरोपियों ने मना कर दिया तो वो है किसका. ये पूरा घोटाला 20 हजार करोड़ का है. 2 हजार करोड़ का हिसाब डायरी में है. सौरभ शर्मा को बस 3 सिपाही इधर से उधर घुमा रहे हैं. सही तरीके से जांच हो तो एक भी मंत्री अपने मंत्रालय नहीं जा पायेगा. 

जीतू पटवारी ने चैलेंज किया कि मध्यप्रदेश में बिना भ्रष्टाचार के किसी भी विभाग से काम कराकर ला दे, तो मैं उनका अभिनंदन करूंगा. सर्च करें तो सबसे भ्रष्ट राज्य में मध्यप्रदेश का नाम आता है. एमपी के 10 विभागों की जांच हो जाये तो 2 लाख करोड़ का गबन सामने आ जायेगा. एमपी में भ्रष्टाचार 5वीं मंजिल सीएम ऑफिस से तहसील तक फैला है. पटवारी ने कमलनाथ को साधुवाद देते हुए कहा ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण का निर्णय उन्होंने लिया था. भाजपा की सरकारों ने इसे लेकर भ्रम फैलाने का काम किया, भाजपा ओबीसी के खिलाफ है. 

कांग्रेस की महू की रैली को रोकने के लिए बीजेपी ने क्या किया सबने देखा. उसके बाद भी वहां पैर रखने की जगह नहीं थी. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राह जनता को पसन्द आ रही है. मोहन यादव की सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर रही है. 

साभार