वोटिंग से पहले विजयपुर विधानसभा संवेदनशील घोषित, सभी केंद्रों की होगी वेबकास्टिंग

मध्य प्रदेश में उपचुनाव की वोटिंग से पहले एक विधानसभा सीट को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है. अब सभी मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की जाएगी. चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से भय के बिना वोट डालने की अपील की है.

Nov 12, 2024 - 19:51
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वोटिंग से पहले विजयपुर विधानसभा संवेदनशील घोषित, सभी केंद्रों की होगी वेबकास्टिंग

मध्य प्रदेश में उपचुनाव की वोटिंग से पहले चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. मुख़्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विजयपुर विधानसभा सीट को सीट संवेदनशील घोषित कर दिया है. विजयपुर में फायरिंग की घटना के बाद इलेक्शन कमीशन ने विजयपुर विधानसभा सीट को संवेदनशील घोषित किया है. सभी मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग कराई जाएगी.

इलेक्शन कमीशन के मध्य प्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुखबीर सिंह ने कहा कि विजयपुर में फायरिंग की घटना की जांच कराई जा रही है. कलेक्टर एसपी को निर्देश दिए हैं कि मौके पर दौरा किया है. वोटर निर्भय होकर वोट करें. चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है. विजयपुर के सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी. अतिरिक्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और मध्य प्रदेश पुलिस तैनात रहेगी. चुनाव आयोग ने बताया कि यही नहीं बुधनी के 60% मतदान केंद्रों की भी वेबकास्टिंग होगी. सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम हैं. 

भाजपा-कांग्रेस में बयानबाजी

इधर, विजयपुर विधानसभा के गांव धनयचा में हुए गोलीकांड को लेकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की है. विजयपुर उपचुनाव के एक दिन पहले हुए गोलीबारी को लेकर बीजेपी के नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवेदन दिया है. बीजेपी के पूर्व विधायक सीताराम आदिवासी ने कहा कि मुझे बहुत दुख है हमारे आदिवासियों के साथ बहुत बुरी घटना हुई है. हम सबके साथ हैं. फालतू में कांग्रेस वाले भारतीय जनता पार्टी को बदनाम कर रहे हैं. 

पूर्व सीएम कमलनाथ ने लगाए आरोप

पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की वोटिंग से पहले आदिवासियों पर फायरिंग की घटना अत्यंत चिंताजनक है. इस घटना में आदिवासी समुदाय के कई लोग घायल हो गए. इस घटना से स्पष्ट होता है कि विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी क्षेत्र का माहौल ख़राब करना चाहती है. मतदाताओं को डराना चाहती है. वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की वारदात कानून व्यवस्था और चुनाव के इंतज़ाम पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है.

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