शादी से पहले संबंधों में सावधान रहें... सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, यूं ही भरोसा न करने की दी नसीहत

शादी का झूठा वादा करके दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ⁠हो सकता है हमारे विचार पुराने लगें, लेकिन शादी से पहले संबंधों में सावधानी बरतनी चाहिए

Feb 16, 2026 - 20:27
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शादी से पहले संबंधों में सावधान रहें... सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, यूं ही भरोसा न करने की दी नसीहत

शादी का झूठा वादा करके दुष्कर्म करने के एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एकदूसरे के लिए अजनबी होते हैं, ऐसे में ऐसे में किसी पर भी आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए और शारीरिक संबंध बनाने से पहले पूरी सावधानी और सतर्कता बरतनी चाहिए.

क्या था पूरा मामला?

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ये महत्वपूर्ण टिप्पणी की. युवक पर आरोप है कि उसने शादी का भरोसा देकर महिला से कई बार संबंध बनाए, ⁠जबकि वह पहले से शादीशुदा था और बाद में उसने दूसरी शादी भी कर ली. 

शादी से पहले आसानी से भरोसा न करें

सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि ⁠हो सकता है हमारे विचार पुराने लगें, लेकिन शादी से पहले संबंधों में सावधानी बरतनी चाहिए. शादी से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते हैं. ⁠ऐसे में किसी पर आसानी से भरोसा नहीं करना चाहिए और शारीरिक संबंधों को लेकर सतर्क रहना चाहिए. 

मैरिज पोर्टल पर मिले, फिर संबंध बढ़े

अभियोजन की तरफ से कोर्ट में बताया गया कि करीब 30 वर्षीया शिकायतकर्ता की आरोपी से 2022 में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर मुलाकात हुई थी. ⁠आरोपी ने शादी का वादा करके दिल्ली और बाद में दुबई में उससे संबंध बनाए. 

दुबई में बनाया वीडियो, कर ली दूसरी शादी

⁠महिला का आरोप है कि दुबई में आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक वीडियो भी बिना सहमति के रिकॉर्ड कर ली. जब उसने विरोध किया तो वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा. ⁠बाद में महिला को पता चला कि आरोपी ने 19 जनवरी 2024 को पंजाब में दूसरी शादी कर ली. 

कोर्ट ने पूछा, साथ में दुबई क्यों गई?

सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता महिला से भी तीखे सवाल पूछे. कोर्ट ने कहा कि शादी से पहले वह आरोपी के साथ दुबई क्यों गई थी? इस पर ⁠सरकारी वकील ने कहा कि दोनों शादी की योजना बना रहे थे. ⁠इस पर अदालत ने कहा कि अगर महिला शादी को लेकर गंभीर थी तो उसे पहले साथ में यात्रा नहीं करनी चाहिए थी. 

कोर्ट का सुलह-समझौते पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में जहां शारीरिक संबंध सहमति से बने हों, मुकदमे और सजा की बजाय सुलह-समझौते की संभावना पर विचार किया जा सकता है. ⁠अदालत ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने का सुझाव देते हुए सुनवाई बुधवार तक स्थगित कर दी ताकि समझौते की संभावना तलाशी जा सके. 

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