सुप्रीम कोर्ट से बिहार सरकार को झटका, राज्य में नहीं बढ़ेगा आरक्षण का दायरा
बिहार की नीतीश सरकार को राज्य में आरक्षण बढ़ाए जाने के मुद्दे पर पटना हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से तगड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पटना हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है.
सितंबर में सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट
65 फीसदी किया गया था आरक्षण
पटना हाईकोर्ट के फैसले के बाद बिहार की नीतीश सरकार को आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी तगड़ा झटका लगा है. कुछ दिनों पहले आरक्षण मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने राज्य में आरक्षण का दायरा बढ़ाने के नीतीश सरकार के फैसले को गलत बताया था और राज्य में आरक्षण बढ़ाने के फैसले को रद्द कर दिया था. हाई कोर्ट से इस फैसले से नाखुश नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
सितंबर में सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट
आज सोमवार 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में बढ़े आरक्षण मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. शीर्ष अदालत की ओर से सुनवाई के दौरान कहा गया कि वे सितंबर महीने में इस मामले पर विस्तृत सुनवाई करेगा. तब तक के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है.
65 फीसदी किया गया था आरक्षण
बता दें कि बिहार में जातिगत जनगणना की सफल समाप्ति के बाद राज्य की नीतीश सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में मिलने वाले आरक्षण का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया था. बिहार सरकार ने पिछड़े वर्ग, एससी और एसटी समाज से आने वाले लोगों के लिए आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी किया गया.
पटना हाई कोर्ट में दायर हुई थी याचिका
इसके बाद बिहार सरकार के इस फैसले को पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. हाई कोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के फैसले को गलत ठहराया था और आरक्षण के दायरे को बढ़ाने पर रोक लगा दिया था. हाई कोर्ट से इस फैसले से असंतुष्ट होकर नीतीश सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी और वहां भी उसे झटका लगा है.
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