हरियाणा की हार के बीच सपा ने कांग्रेस को दिया सदमा, उपचुनाव को लेकर किया ये बड़ा ऐलान
हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने झटका दिया है और उपचुनाव के लिए बिना गठबंधन फाइनल किए ही कैंडिडेट घोषित कर दिया है
हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है और समाजवादी पार्टी (SP) ने कांग्रेस के साथ बिना किसा चर्चा के उपचुनावों के लिए 6 नाम घोषित कर दिए हैं. सपा ने करहल विधानसभा सीट के अलावा सीसीमऊ, फूलपुर, मिल्कीपुर, कटेहरी और मझंवा से उम्मीदवार घोषित कर दिया है. बता दें कि हरियाणा चुनाव के परिणाम आने के बाद सीट शेयरिंग को लेकर यूपी में अग्रेसिव दिख रही कांग्रेस को सपा ने झटका देना शुरू कर दिया है और बिना गठबंधन फाइनल किए ही कैंडिडेट घोषित कर दिया है.
सपा ने किस सीट से किसे बनाया उम्मीवार?
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने उपचुनाव के लिए 6 नामों की घोषणा की है. पार्टी ने करहल विधानसभा सीट से तेजप्रताप यादव को चुनावी मैदान में उतारा है. बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी तेजप्रताप यादव को कन्नौज सीट से उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन सपा कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद अखिलेश यादव खुद कन्नौज सीट से उतरे थे और इस वजह से करहल विधानसभा सीट खाली हो गई थी. इसके अलावा सपा ने सीसीमऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुस्तफा सिद्दीकी, मिल्कीपुर से अजीत प्रसाद, कटेहरी से शोभावी वर्मा और मझंवा से ज्योति बिंद को उम्मीदवार घोषित किया है.
यूपी में किन सीटों पर होने वाले हैं उपचुनाव
1. खैर, अलीगढ़
2. मिल्कीपुर, अयोध्या
3. कटेहरी, अंबेडकरनगर
4. मीरापुर, मुज़फ़्फ़रनगर
5. सीसामऊ, कानपुर
6. फूलपुर, प्रयागराज
7. ग़ाज़ियाबाद
8. मझवां, मिर्ज़ापुर
9. कुंदरकी, मुरादाबाद
10. करहल, मैनपुरी
तो क्या टूटने की कगार पर पहुंची यूपी के दो लड़कों की दोस्ती?
लोकसभा चुनाव में साथ लड़ने वाली समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच उपचुनाव को लेकर बात बनती नहीं दिख रही है. सूत्रों के अनुसार, बदले समीकरण में अब सपा कांग्रेस को केवल एक ही सीट देने पर विचार कर रही है. गठबंधन को लेकर अब समाजवादी पार्टी फ्रंट फुट पर है और कांग्रेस को सिर्फ फूलपुर सीट का ही प्रस्ताव दे सकती है. इसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या यूपी के दो लड़कों (अखिलेश यादव और राहुल गांधी) की दोस्ती टूटने की कगार पर पहुंच गई है.
ये तो तय हो गया कि कांग्रेस की बात मानने के मूड में नहीं है सपा!
लोकसभा चुनावों में जोरदार कामयाबी के बाद उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA Alliance) की एकजुटता के लिहाज से लिटमस परीक्षण होंगे. कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए 10 सीटों में से पांच पर दावा किया है. लेकिन, सपा ने 6 नाम घोषित करके यह साफ कर दिया है कि वो कांग्रेस की बात मानने के मूड में नहीं है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच उपचुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर सहमति बनती है या नहीं.
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