होली से पहले हड़कंप, नई परिवहन नीति से नाराज निजी बस ऑपरेटर्स ने अनिश्चितकालीन धरने का किया ऐलान
बस मालिकों का कहना है कि 24 दिसंबर 2025 को लागू नई परिवहन नीति निजी बस ऑपरेटर्स के लिए नुकसानदायक है, जिसके विरोध में निजी बस यूनियन ने अनिश्चितकालीन धरने पर जाने पर निर्णय लिया है. उनका कहना है कि सरकारी बस सेवा शुरू करने, किराए व टैक्स में वृद्धि और 7 निजी कंपनियों को अनुमित देने उन पर दबाव बढ़ गया है
मध्य प्रदेश में नई परिवहन नीति के विरोध में नीमच जिले के निजी बस संचालकों का आंदोलन तेज हो गया है. मंगलवार शाम को नीमच के प्राइवेट बस स्टैंड चौराहा पर निजी बस यूनियन के पदाधिकारी ने काले झंडे लहराकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आगामी 2 मार्च यानी होली से ठीक पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.
बस मालिकों का कहना है कि 24 दिसंबर 2025 को लागू नई परिवहन नीति निजी बस ऑपरेटर्स के लिए नुकसानदायक है, जिसके विरोध में निजी बस यूनियन ने अनिश्चितकालीन धरने पर जाने पर निर्णय लिया है. उनका कहना है कि सरकारी बस सेवा शुरू करने, किराए व टैक्स में वृद्धि और 7 निजी कंपनियों को अनुमित देने उन पर दबाव बढ़ गया है.
नई परिवहन नीति के खिलाफ बस मालिकों का आक्रोश
जिले के निजी बस संचालकों का आरोप है कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी बस सेवा शुरू करने, किराए और टैक्स में बढ़ोतरी करने और 7 निजी कंपनियों को बस संचालन की अनुमति देने से उनके पारंपरिक निजी बस ऑपरेटरों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाएगा. उनका कहना है कि इससे हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है.
त्योहार से पहले अनिश्चितकालीन धरने के ऐलान से संकट
गौरतलब है नई परिवहन नीति को लेकर होली के त्योहार से पहले अनिश्चितकालीन धरने के ऐलान से राहगीरों के लिए के बड़ा संकट पैदा हो सकता है. बस मालिकों के अनुसार नई व्यवस्था में निजी कंपनियां बस संचालन और नियमों को नियंत्रित करेंगी, साथ ही, बस मालिकों को प्रति किलोमीटर लगभग 3 रुपए के हिसाब से लीज देना पड़ेगी. इससे बस संचालन लागत बढ़ेगी और छोटे बस मालिकों के लिए व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाएगा.
मांगें नहीं माने जाने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
प्राइवेट बस यूनियन नीमच संरक्षक मुकेश गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि 2 मार्च से शुरू होने वाली हड़ताल अनिश्चितकालीन होगी. अगर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. इससे प्रदेश भर में यात्री परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने और लाखों यात्रियों को परेशानी होगी. यूनियन का कहना है की सरकार तुरन्त नई नीति स्थागीत करें और पुरानी व्यवस्था यथावत रखें.
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