कांग्रेस जनता पार्टी...': INDIA गठबंधन की बैठक में अपने ही सहयोगियों के निशाने पर क्यों आ गए राहुल?

राहुल गांधी के इन बयानों को गैर जरूरी करार देते हुए सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने “कांग्रेस जनता पार्टी” कह कर पलटवार किया. सूत्रों के मुताबिक इस दौरान राहुल गांधी मुस्कुराते रहे.

Mar 10, 2026 - 17:57
 0  7
कांग्रेस जनता पार्टी...': INDIA गठबंधन की बैठक में अपने ही सहयोगियों के निशाने पर क्यों आ गए राहुल?

संसद सत्र की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में सोमवार सुबह तब असहज स्थिति हो गई, जब वाम दलों के नेताओं ने राहुल गांधी को आड़े हाथों ले लिया. बैठक खत्म होने से ठीक पहले सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास और सीपीआई सांसद पी संदोष ने केरल में राहुल गांधी के बयानों को लेकर आपत्ति जाहिर की.

राहुल गांधी ने सीपीएम को “कम्युनिस्ट जनता पार्टी” बता दिया

सूत्रों के मुताबिक वामपंथी सांसदों ने राहुल गांधी के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे इंडिया गठबंधन की एकता प्रभावित होती है. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीते हफ्ते केरल दौरे पर गए राहुल गांधी ने केरल की सीपीएम सरकार पर जमकर निशाना साधा और सीपीएम और बीजेपी में मिलीभगत का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ईडी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसी बाकी विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करती है. लेकिन केरल के सीएम पी विजयन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. राहुल गांधी ने सीपीएम को “कम्युनिस्ट जनता पार्टी” बता दिया.

कांग्रेस जनता पार्टी” कह कर किया पलटवार

राहुल गांधी के इन बयानों को गैर जरूरी करार देते हुए सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने “कांग्रेस जनता पार्टी” कह कर पलटवार किया. सूत्रों के मुताबिक इस दौरान राहुल गांधी मुस्कुराते रहे. उन्होंने वाम सांसदों से कहा कि हम अलग से बात कर सकते हैं. इसके जवाब में जॉन ब्रिटास ने कहा कि हमें आपसे अलग से बात नहीं करनी है. बैठक में मौजूद अन्य दलों के नेताओं ने सीपीएम सांसदों से आग्रह किया कि इस बैठक का मकसद संसद में विपक्ष की रणनीति बनाना है ना कि इस तरह के मामलों को सुलझाने के लिए. कुल मिलाकर सबका मकसद यही था कि सीपीएम को इस मुद्दे को तूल नहीं देना चाहिए.

केरल विधानसभा चुनाव में सीपीएम की अगुआई में एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ के बीच कांटे का मुकाबला है. कुछ सीटों पर एनडीए ने खेल को त्रिकोणीय बना दिया है. बीते दो विधानसभा चुनावों में सीपीएम जीत रही है और इस बार कांग्रेस के लिए अच्छा अवसर माना जा रहा है. जाहिर है सीपीएम और कांग्रेस नेता एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं. 

वामदलों की नाराजगी को लेकर पूछे जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पहले से हमारा “खट्टा-मीठा” रिश्ता है. इन बातों का असर संसद में इंडिया गठबंधन की एकता पर नहीं पड़ने वाला.

साभार