तिरुवनंतपुरम में पहली बार बना BJP का मेयर; कौन हैं वीवी राजेश, जो रिटायर्ड DGP आर श्रीलेखा पर पड़े भारी

वी.वी. राजेश का मेयर बनना केरल की राजधानी में बीजेपी के लिए एक प्रतीकात्मक उपलब्धि माना जा रहा है। इसे राज्य की शहरी राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।

Dec 26, 2025 - 15:38
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तिरुवनंतपुरम में पहली बार बना BJP का मेयर; कौन हैं वीवी राजेश, जो रिटायर्ड DGP आर श्रीलेखा पर पड़े भारी

वी.वी. राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर बने हैं। इस पद पर पार्टी ने पहली बार जीत हासिल की है जिससे 45 वर्षों के वामपंथी शासन का अंत हुआ है। बता दें कि नगर निगम के नव निर्वाचित बीजेपी पार्षदों और पार्टी के जिला नेताओं की बैठक में पार्टी के राज्य महासचिव एस सुरेश ने इन नामों की घोषणा की। यह फैसला पार्टी के राज्य और जिला नेतृत्व के बीच लंबी चर्चाओं के बाद लिया गया।

वी.वी. राजेश का मेयर बनना केरल की राजधानी में बीजेपी के लिए एक प्रतीकात्मक उपलब्धि माना जा रहा है। इसे राज्य की शहरी राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।

कौन हैं वी.वी. राजेश?

इससे पहले रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक (DGP) आर श्रीलेखा को मेयर पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में लेकर चल रही थीं, लेकिन पार्टी के एक वर्ग ने उनकी पदोन्नति का विरोध किया। अंततः बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद राजेश के नाम पर सहमति बनी। वी.वी. राजेश दो बार पार्षद, राज्य सचिव, पूर्व युवा मोर्चा राज्य अध्यक्ष और पूर्व भाजपा तिरुवनंतपुरम जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। पिछली विधानसभा में वे विपक्ष के वास्तविक नेता थे। उन्होंने CPIM शासित नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ सत्याग्रह का नेतृत्व किया था।

किसने कितनी सीटें जीतीं?

बता दें कि बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 50 सीटें जीतकर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया और चार दशकों से चले आ रहे वामपंथी गढ़ को तोड़ दिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने भी अपनी सीटों की संख्या दोगुनी करके महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। 100 वार्डों में से एलडीएफ को 29 सीटें मिलीं, जबकि यूडीएफ 19 सीटों पर सिमट गया। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। जबकि एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया था।

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