देश का नेतृत्व PM मोदी के हाथों में होना सौभाग्य की बात', बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का Exclusive इंटरव्यू

उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए भी यह सौभाग्य की बात है कि उसके पास ऐसा नेता है जिसकी देश और दुनिया में लोकप्रियता काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्य करने के तरीके ने पूरी दुनिया में भारत की छवि को स्थापित किया।

Sep 18, 2025 - 17:45
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देश का नेतृत्व PM मोदी के हाथों में होना सौभाग्य की बात', बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का Exclusive इंटरव्यू

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इंडिया टीवी के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि देश का नेतृत्व नरेंद्र मोदी के हाथों में होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए भी यह सौभाग्य की बात है कि उसके पास ऐसा नेता है जिसकी देश और दुनिया में लोकप्रियता काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्य करने के तरीके ने पूरी दुनिया में भारत की छवि को स्थापित किया। डिप्लोमैसी में भी उन्होंने दुनिया के सामने भारत के इंटरेस्ट को रखा और दुनिया के हित में क्या है, दुनिया को क्या चाहिए इस पर भी अपनी व्यापक दृष्टि रखी। यही वजह है कि वैश्विक मंच पर भारत को अहम स्थान मिला।

ये मेरा सौभाग्य है कि उनके साथ काम करने का मौका मिला

जेपी नड्डा ने पीएम मोदी से पहली मुलाकात का जिक्र किया और कहा-' मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे उनके साथ लंबे समय तक काम करने का सौभाग्य मिला। पहली बार युवा मोर्चा का राष््रीय अध्यक्ष थे और वे महामंत्री बनकर दिल्ली आए थे। वोट क्लब की रैली में वो आए थे। सुंदर सिंह भंडारी ने एक बैठक बुलाई थी उसी में मैंने पहली बार उन्हें देखा। उस दौरान मैंने उनमें जो जोश, उर्जा और जज्बा देखा वो गजब का अनुभव था।' 

हर मीटिंग में पूरी तैयारी के साथ आते थे नरेंद्र मोदी

जेपी नड्डा ने कहा कि हर मीटिंग में वो तैयारी के साथ आना उनकी बड़ी खासियत थी। वे एक-एक चीज नोट करके आते थे। पार्टी की बैठकों में नरेंद्र मोदी मत तो देते थे लेकिन वो मत देने के साथ ही ये भी बताते थे कि हमें किस रास्ते पर जाना है, किस और किस तरीके से जाना है इसकी गूढ़ तैयारी करते थे। जेपी नड्डा ने 1990 और 1991 में बीजेपी की एकता यात्रा का जिक्र किया। नड्डा ने कहा-'चूंकि प्लानिंग में उन्हें महारथ हासिल थी इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने एकता यात्रा का जो रूट बनाया फिर उसकी तैयारी, ब्रांडिंग और उसका मकसद क्या है, इन सब पर गूढ़ मंथन किया और पूरी तैयारी के साथ यह यात्रा निकाली गई थी। उनके मार्गदर्शन में सिर्फ आंदोलन करने के लिए नहीं होता था। उद्वेलित करने के लिए होता था। हर चीज में वे परफेक्शन की बात करते थे।'

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