लोकसभा परिसीमन : क्यों इतने घबराए हैं तमिलनाडु के सीएम, सर्वदलीय बैठक बुलाई पर भाजपा नहीं आई
एम के स्टालिन की ओर से आज सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में परिसीमन के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है, हालांकि इस बैठक का भाजपा ने बहिष्कार किया है.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार 5 मार्च 2025 को लोकसभा सीटों के परिसीमन पर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया. इस बैठक में दक्षिणी राज्यों के सांसदों और पार्टी प्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त कार्रवाई समिति के गठन का प्रस्ताव रखा. भारतीय जनता पार्टी समेत अन्य कुछ पार्टी इस बैठक से खुद को किनारा करते हुए नजर आई.
स्टालिन का प्रस्ताव
स्टालिन ने परिसीमन बैठक में समिति के गठन का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि संसद में सीट की संख्या में वृद्धि की स्थिति में 1971 की जनगणना को इसका आधार बनाया जाना चाहिए. साथ ही 2026 से 30 सालों के लिए लोकसभा सीट के परिसीमन को लेकर 1971 की जनगणना को आधार बनाया जाना चाहिए.
इन पार्टी ने लिया बैठक में हिस्सा
बता दें कि सर्वदलीय बैठक में परिसीमन के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है. मुख्य विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK), कांग्रेस और वामपंथी दल, अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) समेत अन्य ने बैठक में हिस्सा लिया.
इन पार्टियों ने किया बैठक से किनारा
बैठक का भारतीय जनता पार्टी (BJP), तमिल राष्ट्रवादी नाम तमिलर काची (NTK) और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीके वासन की तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार) ने बहिष्कार किया. सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) परिसीमन की कवायद का कड़ा विरोध कर रही है. पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री स्टालिन का दावा है कि इससे तमिलनाडु में लोकसभा की सीट कम हो जाएंगी. उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्या राज्य को पिछले कुछ साल में जनसंख्या नियंत्रण उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए दंडित किया जा रहा है.
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