व्यापमं घोटाला: SC ने CBI और MP सरकार से जांच का पूरा ब्यौरा मांगा, इन्होंने उठाया मामला
व्यापमं घोटाले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने CBI और MP सरकार से अब तक की जांच व चार्जशीट का पूरा विवरण शपथपत्र के साथ मांगा.
व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए अब तक की जांच और चार्जशीट का पूरा विवरण पेश करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा है कि पारस सकलेचा द्वारा की गई शिकायत को जांच और चार्जशीट में किस तरह और किस हद तक शामिल किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से दी जाए. कोर्ट ने नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब दाखिल न किए जाने पर नाराजगी जाहिर की और सख्त रुख अपनाया है.
सुप्रीम कोर्ट की दो टूक
इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने की. बेंच ने CBI और राज्य सरकार को निर्देश दिया कि व्यापमं घोटाले में अब तक की गई पूरी जांच, दाखिल चार्जशीट और शिकायत पर की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण हलफनामे के साथ पेश किया जाए.
हाई कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
याचिकाकर्ता पारस सकलेचा ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सकलेचा का कहना है कि व्यापमं घोटाले से जुड़े अहम तथ्यों और दस्तावेजों को जांच के दौरान नज़रअंदाज़ किया गया.
2014 से उठा मामला
सकलेचा ने वर्ष 2014 में व्यापमं घोटाले को लेकर दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने CBI को करीब 320 पेज की विस्तृत शिकायत भी सौंपी थी. मामले में STF और CBI द्वारा अलग‑अलग समय पर बयान भी दर्ज किए गए थे.
अगली सुनवाई 16 अप्रैल को
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि CBI और राज्य सरकार को बताना होगा कि शिकायत पर अब तक क्या‑क्या कार्रवाई की गई. मामले में अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें कोर्ट दायर हलफनामों की समीक्षा करेगा.
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