सावधान! इंस्टाग्राम पर की आपत्तिजनक पोस्ट तो लग जाएगी रासुका, मध्य प्रदेश में एक को भेजा गया जेल

इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट अब जेल भी पहुंचा सकती है। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक आरोपी के खिलाफ रासुका लगाई गई है। पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल में डाल दिया है।

Mar 11, 2026 - 17:33
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सावधान! इंस्टाग्राम पर की आपत्तिजनक पोस्ट तो लग जाएगी रासुका, मध्य प्रदेश में एक को भेजा गया जेल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वाले सावधान हो जाएं। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में इंस्टाग्राम के आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की गई है। आरोपी व्यक्ति के खिलाफ खंडवा के प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाया है। कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत उसे जेल भेज दिया गया है। 

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में डाला गया

मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि खंडवा के जिलाधिकारी ऋषव गुप्ता ने लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रभाकर शिंदे उर्फ प्रभु (41) को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जिला जेल में बंद रखने का आदेश दिया। 

धार्मिक भावनाओं को पहुंचाई ठेस

उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासी मुजाहिद कुरैशी की शिकायत पर शिंदे के खिलाफ मोघट रोड पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता के संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है। शिंदे पर आरोप है कि उसने इंस्टाग्राम पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट साझा की थी। 

आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग

मोघट रोड थाने के प्रभारी धीरेश धारवाल ने बताया, 'प्रशासन के आदेश के मुताबिक शिंदे को एनएसए के प्रावधानों के तहत जेल भेज दिया गया है।' लोगों के एक समूह ने आरोपी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग करते हुए पांच मार्च की रात थाना परिसर के सामने उग्र प्रदर्शन किया था। 

पुलिस ने हालातों पर पाया काबू

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करके हालात पर काबू पाया था। उग्र प्रदर्शन करने वाले लोगों पर पथराव, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक मार्ग जाम करने के आरोपों में अलग मामला दर्ज किया गया है। 

जानिए क्या है रासुका?

रासुका का पूरा नाम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act) है। यह भारत का एक बहुत सख्त कानून है, जो 23 सितंबर 1980 को इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था (पब्लिक ऑर्डर) को खतरे से बचाना है। आरोपी को जेल में डाले जाने के बाद जमानत मिलना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि यह सामान्य आपराधिक कानून नहीं है

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