सेना मेडल विजेताओं को मुफ्त रेल यात्रा; रेलवे की गैलेंट्री अवॉर्डी परिवारों को उम्रभर फ्री AC सफर की साैगात
सरकार ने सेना, नौसेना और वायुसेना मेडल (गैलेंट्री) विजेताओं व परिवार को फर्स्ट क्लास और AC में आजीवन निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा दी.
केंद्र सरकार ने वीरता के लिए सम्मानित सशस्त्र बलों के जवानों को एक बड़ी सौगात दी है. सरकार ने सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित जवानों और उनके परिवारों को भारतीय रेलवे में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है. इस फैसले को पूर्व सैनिकों के कल्याण और सम्मान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि भारतीय सेना और रेलवे दोनों ही संस्थान देश की रीढ़ हैं. सेना से सेवानिवृत्त जवान कम उम्र में अनुभवी, अनुशासित और नेतृत्व क्षमता से भरपूर होते हैं, जिनकी भागीदारी से रेलवे और देश दोनों को मजबूती मिलेगी.
प्रथम श्रेणी और AC कोच में आजीवन मुफ्त यात्रा
सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) पुरस्कार विजेताओं को भारतीय रेलवे में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी. ये सुविधा फर्स्ट क्लास, सेकेंड एसी और एसी चेयर कार में मान्य होगी. इसके तहत पुरस्कार विजेता एक सहयात्री के साथ यात्रा कर सकेंगे.
परिवार के सदस्यों को भी लाभ
इस सुविधा का लाभ केवल वीर जवानों तक सीमित नहीं रहेगा. उनके जीवनसाथी (विधवा/विधुर, पुनर्विवाह तक) और अविवाहित मरणोपरांत पुरस्कार विजेताओं के माता-पिता भी इस रेल यात्रा सुविधा के पात्र होंगे.
पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए रोजगार पर जोर
सरकार पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के नागरिक जीवन में पुनर्वास को लेकर भी लगातार पहल कर रही है. इसी दिशा में भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच ‘फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन' लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य सेवानिवृत्त जवानों और अग्निवीरों को रेलवे में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है.
रेलवे में आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया
रेलवे में पूर्व सैनिकों के लिए लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 10 प्रतिशत और लेवल-1 पदों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है. वहीं, पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-2/ऊपर में 5 प्रतिशत और लेवल-1 में 10 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है. वर्ष 2024-25 में कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रखे गए हैं.
अनुबंध पर पॉइंट्समैन की भर्ती
रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए रेलवे ने पूर्व सैनिकों को अनुबंध के आधार पर ‘पॉइंट्समैन' के रूप में नियुक्त करने का फैसला लिया है. अब तक 9 रेल डिवीजनों ने सेना संगठनों के साथ इस संबंध में एमओयू भी किया है.
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