Article 370 को लेकर चल रही थी सुनवाई, याचिकार्ता को लेकर SC में केद्र ने कही ये बात

Article 370: CJI डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच में केंद्र की ओर से पेश SG तुषार मेहता ने बताया कि लोन अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाले प्रमुख याचिकाकर्ता हैं. Ji

Sep 4, 2023 - 16:29
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Article 370 को लेकर चल रही थी सुनवाई, याचिकार्ता को लेकर SC में केद्र ने कही ये बात

Article 370: केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह चाहती है कि नेशनल कांफ्रेंस (NC) के नेता मोहम्मद अकबर लोन वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने के लिए माफी मांगें. लोन पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को चुनौती देने वाले प्रमुख याचिकाकर्ता हैं. केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ से कहा कि लोन प्रावधान के निरस्तीकरण को चुनौती देने वाले प्रमुख याचिकाकर्ता हैं लेकिन उन्हें बताना होगा कि वह संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं, साथ ही सदन में नारा लगाने के लिए उन्हें माफी मांगी होगी.

मामले की सुनवाई कर रही बेंच में जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल रहे. इस दौरान बेंच ने कहा कि जब लोन के प्रत्युत्तर की बारी आएगी तो वह उनसे एक बयान देने को कहेगी. न्यायालय ने कहा कि उसने अखबार में प्रकाशित ख

बर पढ़ी है और अदालत में दी दलीलों पर संज्ञान लिया है.

मेहता ने कहा, ‘वरिष्ठ नेताओं की ओर से दिए जाने वाले इन बयानों का अपना काफी असर होता है. अगर कोई माफी नहीं मांगी जाती तो दूसरे लोगों का भी हौसला बुलंद होगा. इससे जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उठाए कदमों पर असर पड़ेगा.’

हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से पेश और अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने का समर्थन कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी और वी गिरी ने मेहता का समर्थन किया कि लोन को नारे लगाने के लिए माफी मांगते हुए एक हलफनामा दाखिल करना चाहिए.

लोन अलगाववादी ताकतों के समर्थक: कश्मीरी पंडित

कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने एक सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में नेकां नेता लोन की साख पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि वह अलगाववादी ताकतों के समर्थक हैं. कश्मीरी पंडित युवाओं का समूह होने का दावा करने वाले ‘रूट्स इन कश्मीर’ ने शीर्ष अदालत में एक हस्तक्षेप अर्जी दायर कर मामले में कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों और तथ्यों को रिकॉर्ड पर लाने का आग्रह किया था.

अर्जी में आरोप लगाया गया कि जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता मोहम्मद अकबर लोन को ‘जम्मू कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी ताकतों के समर्थक के रूप में जाना जाता है, जो पाकिस्तान का समर्थन करते हैं’.