CM सोरेन गिरफ्तार हुए तो झारखंड की सियासत में क्या होगा? यहां जानें...
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के कयास लगाए जा रहे हैं. ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि CM सोरेन गिरफ्तार होते हैं, तो आगे क्या होगा?
30 जनवरी को हुई विधायक दल की बैठक
इसमें सीएम सोरेन की पत्नी भी मौजूद रहीं
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. उनसे कल यानी 31 जनवरी को ED फिर से पूछताछ करेगी. हेमंत सोरेन ने 30 जनवरी को सीएम आवास पर विधायक दल की बैठक की इस बैठक में सोरेन की पत्नी कल्पना भी मौजूद थीं. ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया जाता है, तो राज्य की बागडोर किसके हाथ में होगी. आइए, इन सवालों के जवाब जानते हैं.
क्यों हो रही सोरेन की गिरफ्तारी की चर्चा?
CM हेमंत सोरेन पर जिस कथित जमीन घोटाले के चलते गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. उसमें अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, इनमें एक IAS भी शामिल हैं. यही कारण है कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की चर्चा तूल पकड़ रही है. इस मामले में ईडी सोरेन को 10 बार समन भेज चुकी है, लेकिन वो पूछताछ के लिए भी हाजिर नहीं हुए
ये हैं दो ऑप्शन
यदि CM हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी होती है, तो झारखंड की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. हेमंत की गिरफ्तारी के बाद राज्य में सियासी रूप से दो विकल्प बचते हैं.
कोई दूसरा बन सकता है CM: यदि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी होती है, तो JMM के विधायक किसी ओर को अपना नेता चुनकर CM बना सकते हैं. ऐसे कयास हैं सीएम हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को ही आगे कर सकते हैं. जिस तरह से लालू यादव ने चारा घोटाले में जेल जाने से पहले अपनी पत्नी राबड़ी को सीएम बनाया था, हेमंत भी ऐसा ही कर सकते हैं. गांडेय क्षेत्र से झामुमो विधायक सरफराज अहमद ने इस्तीफा दिया था. ये JMM की सेफ सीट मानी जा रही है. कल्पना सोरेन इसी सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ सकती हैं. भाजपा नेता निशिकांत दुबे ये संभावना जता चुके हैं कि हेमंत अपनी पत्नी कल्पना को CM बना सकते हैं.
राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है: यदि हेमंत सोरेन गिरफ्तार होते हैं, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है. झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन कह चुके हैं कि संविधान के संरक्षक के रूप में मैं पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हूं. राज्यपाल का जो काम है, मैं वो कर रहा हूं. भाजपा नेता निशिकांत दुबे पहले ही कह चुके हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए.
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