चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की जीत, इंडिया गठबंधन को झटका, आप-कांग्रेस मिलकर भी हारे
बीजेपी के उम्मीदवार मनोज सोनकर महापौर चुने गए. विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सदस्य कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के एक साथ चुनाव लड़ने के कारण सबकी नजर इस मुकाबले पर टिकी थी.
चंडीगढ़ के मेयर पद के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार मनोज सोनकर ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार को हराकर जीत हासिल कर ली है.
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद हो रहे चुनाव, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सदस्य कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के एक साथ चुनाव लड़ने के कारण अहम हो गए हैं.
कांग्रेस-आप ने मिलाया था हाथ
कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने महापौर पद के लिए प्रत्याशी खड़ा किया था. वहीं कांग्रेस ने वरिष्ठ डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं.
चंडीगढ़ नगर निगम में 35 सदस्यों में से बीजेपी के 14 पार्षद हैं, आम आदमी पार्टी के 13 पार्षद हैं और कांग्रेस के सात पार्षद हैं, जबकि शिरोमणि अकाली दल का एक पार्षद है. चुनाव से पहले आप-कांग्रेस की जीत की उम्मीद लगाई जा रही थी. हालांकि नतीजे बीजेपी के पक्ष में रहे.
किरण खेर ने डाला पहला वोट
चंडीगढ़ महापौर पद के लिए मतदान मगंलवार सुबह शुरू हुआ. पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने सुबह दस बज कर करीब 40 मिनट पर महापौर पद के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू कराई. चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने सबसे पहले वोट डाला. उन्होंने सुबह 11 बज कर करीब 15 मिनट पर नगर निकाय भवन में मतदान किया. उनके पास चंडीगढ़ नगर निगम के पदेन सदस्य के रूप में मतदान का अधिकार है.
कुलदीप कुमार पहुंचे थे हाई कोर्ट
महापौर पद के लिए आप के उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने चंडीगढ़ के उपायुक्त के चुनाव टालने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने 24 जनवरी के अपने आदेश में चंडीगढ़ प्रशासन को 30 जनवरी को सुबह 10 बजे महापौर पद के लिए चुनाव कराने का निर्देश दिया था. उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि वोट डालने आने वाले पार्षदों के साथ किसी अन्य राज्य का कोई समर्थक या सुरक्षाकर्मी नहीं होगा.
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