'CM नहीं दीदी बनकर आई हूं', हड़ताली डॉक्टरों से अचानक मिलने पहुंचीं ममता, कर दी ये गुजारिश
जूनियर डॉक्टर के रेप- मर्डर के बाद हड़ताल कर रहे कोलकाता के डॉक्टरों से मिलने के लिए सीएम ममता बनर्जी आज अचानक उनके बीच पहुंच गईं. इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएम नहीं दीदी बनकर आई हूं.
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से रेप-मर्डर मामले के बाद से कोलकाता के जूनियर डॉक्टर लगातार हड़ताल पर हैं. पिछले 5 दिनों से उन्होंने धरना- प्रदर्शन का नया ठिकाना कोलकाता का स्वास्थ्य बना लिया है. आंधी- बारिश के बावजूद हड़ताली डॉक्टर दिन-रात वहां पर डटे हुए हैं. डॉक्टरों को मनाने में जुटीं सीएम ममता बनर्जी शनिवार को डीजीपी राजीव कुमार के साथ अचानक ही स्वास्थ्य भवन पहुंच गईं और डॉक्टरों की मांग पर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर उनसे काम पर लौटने की अपील की.
मैं भी छात्र नेता रही हूं- सीएम ममता बनर्जी
हड़ताली डॉक्टरों के प्रति सहानुभूति जताते हुए सीएम ममता ने कहा, 'मैं आपके विरोध की वजह को समझती हूं. मैं भी छात्र नेता रही हूं. मैं आपको भरोसा देती हूं कि मैं आपको न्याय दूंगी और विरोध- प्रदर्शन करने पर आपके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं होगी.' डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अस्पतालों में सीनियर डॉक्टर आपकी सहायता के बिना काम नहीं कर पा रहे. हजारों लोग बिना इलाज के परेशानियां झेल रहे हैं. मैं आपसे काम पर फिर से लौटने का अनुरोध करती हूं
मेरी रातों की नींद उड़ गई है- मुख्यमंत्री ममता
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं यहां सीएम बनकर नहीं बल्कि आपकी दीदी बनकर आई हूं. जब आप भरी बरसात में बीच सड़क पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो मेरी रातों की नींद उड़ गई है. मैं आपको आश्वासन देती हूं कि मैं आपकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करूंगी. जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करूंगी.'
डॉक्टरों ने इन अधिकारियों के निलंबन की उठाई मांग
मुख्यमंत्री के काफी समझाने के बावजूद हड़ताली डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन पर कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के रेप- मर्डर पर तुरंत कार्रवाई में विफल रहने पर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल, स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक और चिकित्सा शिक्षा निदेशक को निलंबित करने की मांग की. इसके साथ ही राज्य में सभी महिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने का भी मुद्दा उठाया.
सरकार से वार्ता से पीछे हटे हड़ताली डॉक्टर
बताते चलें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले हफ्ते विवाद सुलझाने के लिए हड़ताली डॉक्टरों के प्रतिनिधियों को राज्य सचिवालय नबन्ना बुलाया था, लेकिन सचिवालय के गेट पर पहुंचने के बावजूद उन्होंने सरकार से बातचीत करने से इनकार कर दिया. हड़ताली डॉक्टरों का कहना था कि सरकार ने बैठक की लाइव स्ट्रीमिंग करने की शर्त नहीं मानी है, लिहाजा वे बातचीत नहीं करेंगे.
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