अपनों के टिकट काटे, दलबदलुओं का वेलकम, चौंकाया भी... हरियाणा में भाजपा कैंडिडेट लिस्ट में रणनीति छिपी है!
जाटों की चौधर में नॉन जाट पॉलिटिक्स और OBC कार्ड को तुरुप का इक्का मानने वाली बीजेपी ने इस बार हर हाल में अपना हरियाणा का किला बचाने के लिए सियासी साम दाम दंड भेद हर पैंतरा अपनाया है
हरियाणा में 10 साल से सत्ता चला रही बीजेपी ने अपना किला ढहने से बचाने के लिए पत्ते खोल दिए हैं. एंटी इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर रोकने के लिए दर्जनों उम्मीदवार बदले हैं. BJP की सूची में 2 पूर्व सांसदों, एक राज्यसभा सांसद और 27 नए चेहरों पर दांव लगाया गया है. जाटों की चौधर में अब तक नॉन जाट पॉलिटिक्स और OBC कार्ड को तुरुप का इक्का मानने वाली बीजेपी ने अपने तीन वर्तमान मंत्रियों समेत 9 विधायकों का पत्ता काट दिया है. इस तरह से बीजेपी (BJP) ने तमाम अटकलों के बीच अपनी चौंकाने वाली सूची जारी करते हुए 'स्पेशल 67' कैंडिडेट्स का ऐलान कर दिया है.
बीजेपी की लिस्ट में रणनीति छिपी है...
लिस्ट के हिसाब से 8 मंत्रियों को दोबारा टिकट मिला है. 30 फीसदी फ्रेश यानी नए चेहरे हैं और 8 महिलाएं भी हैं.हरियाणा की सियासी शतरंज की बिसात पर गहराई से नजर डाले तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चार दिन पहले तक कह रहे थे कि करनाल से ही चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उनकी ही सीट बदल दी गई. नायब सिंह सैनी की सीट बदलने ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. सैनी करनाल से विधायक हैं, लेकिन उन्हें लाडवा से टिकट मिला है. लाडवा, कुरुक्षेत्र लोकसभा में लगती है. अब पॉलिटिकल सिचुएशन को ध्यान से समझिए. लाडवा विधानसभा सीट फिलहाल कांग्रेस के पास है. वहां के मौजूदा MLA मेवा सिंह यहां कांग्रेस की जीत रिपीट जैसा नारा लगा रहे थे. ऐसे में मामले की गंभीरता को समझते हुए बीजेपी ने यहां से किसी 'वजीर' को लड़ाने के बजाए सीधे अपने 'राजा को उतार दिया.
युवा चेहरों को मौका...
कुछ समय पहले मन की बात के पिछले एपिसोड में पीएम मोदी ने युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया था. अब हरियाणा की लिस्ट में पार्टी ने युवाओं पर फोकस किया है. पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल का टिकट पार्टी ने लोकसभा चुनावों में काट दिया था. उन्हें अब पार्टी ने विधायक बनने का मौका दिया है. अनिल विज को फिर अंबाला से बनाया गया है. बीते पांच साल से खबरें चल रही थीं कि विज पार्टी से खफा हैं. तमाम अटकलों के बीच जिस तरह राजस्थान में सचिन पायलट ने कभी कांग्रेस का 'हाथ' नहीं छोड़ा. उसी तरह विज भी हरियाणा में भले ही पार्टी से कितना नाराज रहे हों लेकिन उन्होंने कमल का फूल नहीं छोड़ा. जब मनोहर लाल खट्टर के बाद सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया तो आहत होकर विज भले ही मीटिंग ही छोड़कर चले गए थे. ऐसे में पार्टी ने उन्हें अपनी पहली लिस्ट में उनकी पारंपरिक सीट से मौका देकर उनका मान-सम्मान बरकरार रखा है.
जातिगत आंकड़े समझिए
कांग्रेस आरोप लगाती है कि जाटलैंड हरियाणा में बीजेपी ने अपने फायदे के लिए नॉन जाट पॉलिटिक्स पर फोकस किया. ऐसे आरोपों से किनारा करते हुए बीजेपी की अपनी पहली लिस्ट में जाट और OBC समाज दोनों को बराबरी का मौका दिया. बीजेपी ने जाट और ओबीसी समाज के 11-11 उम्मीदवारों को मौका दिया है. इसके साथ ही ब्राह्मण और पंजाबी समुदाय के 9-9 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है. इस लिस्ट में 8 महिलाओं को उम्मीदवार घोषित किया गया है. पार्टी ने वैश्य समाज के 5, राजपूत के दो और बिश्नोई समाज के दो उम्मीदवारों को टिकट दिया है.
दिग्गजों का पत्ता कटा- मौजूदा विधायक मंत्री भी नपे
2024 के लोकसभा चुनावों में पांच सीटों के नुकसान को देखते हुए बीजेपी ने कई मौजूदा विधायकों का टिकट काटने में देर नहीं लगाई. पहली सूची के मुताबिक, बीजेपी ने मौजूदा 9 विधायकों का टिकट काट दिया है. पलवल से दीपक मंगला, फरीदाबाद से नरेंद्र गुप्ता, गुरुग्राम से सुधीर सिंगला , बवानी खेड़ा से विशंभर वाल्मीकि, रनिया से कैबिनेट मंत्री रणजीत चौटाला ,अटेली से सीताराम यादव, पेहवा से पूर्व मंत्री संदीप सिंह , सोहना से राज्य मंत्री संजय सिंह तो वहीं रतिया से लक्ष्मण नापा की टिकट काट दिया गया है.
परिवारवाद की झलक
बीजेपी की लिस्ट में आरती राव, श्रुति चौधरी, भव्य बिश्नोई, शक्ति रानी शर्मा, सुनील सांगवान और मनमोहन भड़ाना का नाम शामिल देखने को मिला. आपको बताते चलें कि श्रुति चौधरी, किरण चौधरी की बेटी हैं. आरती भी कद्दावर नेता राव इंद्रजीत की बेटी हैं. शक्ति रानी शर्मा, विनोद शर्मा की पत्नी हैं. सुनील सांगवान, सतपाल सांगवान के बेटे हैं तो मनमोहन भड़ाना, करतार भड़ाना के सुपुत्र हैं. इन सियासी परिवारों का अपने-अपने इलाकों में अच्छा प्रभाव और जातिगत वोट बैंकों पर अच्छी पकड़ है. सियासी जानकारों का कहना है कि बीते 10 सालों से परिवारवाद और नेपोटिज्म के नाम पर कांग्रेस को घेरने वाली बीजेपी ने साम-दाम-दंड-भेद की नीति पर चलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
चौंकाने वाला 'चतुर्भुज'
हरियाणा का किला बचाने की चक्रव्यूह रचना में एक सबसे ज्यादा चौंकाने वाले नाम की बात करें तो बीजेपी ने जजपा सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला के सामने देवेंद्र चतुर्भुज अत्री को उतारा है. दुष्यंत लोकसभा चुनावों से पहले तक बीजेपी के साथ सत्ता सुख भोग रहे थे. बीजेपी ने टिकट देने से मना कर दिया तो राहें जुदा हो गई थीं. सियासी तलाक के बाद की दूसरी लड़ाई में उचाना से चुनाव लड़ रहे दुष्यंत के सामने अब BJP ने नया चतुर्भुज खींच दिया है.
दलबदलुओं को मौका
बीजेपी ने जजपा के 3 पूर्व विधायकों को भी टिकट दिया है. सूची में देवेंद्र बबली को टोहाना, रामकुमार गौतम को सफीदों और उकलाना से अनूप धानक को जगह मिली है. आपको बताते चलें कि अभी दो दिन पहले ही बबली ने बीजेपी की सदस्यता ली थी. बबली जजपी कोटे से मंत्री भी थे.
लिस्ट के साइड इफेक्ट- अब तक दो नेताओं ने पार्टी छोड़ी
हरियाणा में बीजेपी की सूची आने के बाद चंद घंटों के भीतर पार्टी का दूसरा विकेट गिरा है. रतिया से विधायक लक्ष्मण नापा ने टिकट न मिलने पर बीजेपी को बाय बाय कह दिया है. उनसे पहले शमशेर गिल ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने उकलाना के कैंडिडेट को टिकट देने के विरोध में पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था. वहीं गुरुग्राम सीट से बीजेपी का टिकट चाहने वाले नवीन गोयल ने बुधवार को शहर में पदयात्रा के जरिए शक्ति प्रदर्शन करते हुए कहा, ‘मेरे समर्थकों ने पैदल मार्च निकालने का फैसला लिया गया था. गुरुग्राम की जनता मेरे राजनीतिक भविष्य के बारे में फैसला करेगी.’ आपको बताते चलें कि गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र के लिए भाजपा टिकट के दावेदारों में पूर्व विधायक सुधीर सिंगला, जी एल शर्मा, मुकेश शर्मा, गार्गी कक्कड़ और सुभाष चंद सिंगला शामिल थे.
हरियाणा को सियासी इतिहास-भूगोल
हरियाणा सरकार की अधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक राज्य की कुल जनसंख्या- 25,351,462, पुरुषों की जनसंख्या -13,494,734, महिलाओं की जनसंख्या-11,856,728, कुल क्षेत्रफल- 44,212 किमी², साक्षरता दर- 75.55 %, कुल जिले- 22, ब्लॉक-140, गांव -7356, विधानसभा सीट-90, राज्यसभा सीट- 01, कुल मतदाता - हरियाणा में कुल 1,73,55,247 मतदाता है, जिसमें 93,06,532 पुरुष और 80,48,475 महिला वोटर हैं.
हरियाणा की सीमाएं यूपी, हिमाचल और राजस्थान से जुड़ी हैं. ये राज्य, दिल्ली-एनसीआर से तीन ओर से सटा है. हरियाणा को भारत के अमीर राज्यों में से एक माना जाता है. प्रति व्यक्ति आय के आधार पर यह देश का दूसरा सबसे धनी राज्य है.
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