इंडी गठबंधन में सीट बंटवारे से पहले ही JDU ने घोषित किये कैंडिडेट, क्या नहीं माने नीतीश?
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन में दरार सतह पर दिखने लगी है. ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल जैसे सहयोगियों को बाद अब नीतीश कुमार ने फिर नया दांव चला है. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने लोकसभा चुनाव के लिए दो उम्मीदवार उतार दिए हैं
लोकसभा चुनाव 2024 (Loksabha Election 2024) की घोषणा अभी नहीं हुई है. वहीं विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन (INDI Alliance) में लोकसभा सीटों का बंटवारा भी अब तक नहीं किया जा सका है. इसके अलावा इंडी अलायंस की बुधवार 3 जनवरी को होने वाली वर्चुअल बैठक भी टल गई है. माना जा रहा था कि गठबंधन से नाराज चल रहे नीतीश कुमार को मनाने के लिए और उन्हें संयोजक बनाने के लिए बैठक बुलाई गई थी. इसके साथ ही लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर भी बैठक में होने वाली थी. गठबंधन की बैठक टलने के बाद नीतीश कुमार ने ' नहले पर दहला' चला है. इससे साफ पता चलता है कि अब तक नीतीश कुमार नहीं माने हैं.
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अरुणाचल में JDU के उम्मीदवार बने तांगुंग
नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने शुरू कर दिए हैं. जेडीयू ने बुधवार को एक उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी. जनता दल यूनाइटेड ने अरुणाचल प्रदेश जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष रूही तांगुंग को लोकसभा चुनाव के लिए अरुणाचल पश्चिम पीसी संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है. इससे पहले भी नीतीश कुमार ने कई मौकों पर इंडी गठबंधन में जल्दी सीटों का बंटवारा करने के लिए कहा था.
JDU अध्यक्ष नीतीश कुमार के निर्देश पर उम्मीदवार के नाम की घोषणा
जेडीयू एमएलसी और पार्टी महासचिव अफाक अहमद खान ने बुधवार को रूही तांगुंग के नाम की घोषणा की. उन्होंने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव आने वाला है. जेडीयू अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी लड़ेगी जो 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ होने वाला है. यह घोषणा पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के निर्देशानुसार की जा रही है. इसी क्रम में रूही तांगुंग को अरुणाचल पश्चिम पीसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू का उम्मीदवार बनाया गया है.
देवेश चंद्र ठाकुर को सीतामढ़ी से चुनाव लड़ने को नीतीश कुमार ने हरी झंडी
दरअसल, लोकसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार की पहल पर विपक्ष का इंडिया गठबंधन बना है. अभी विभिन्न राज्यों में सीटों का सहयोगी दलों के साथ बंटवारा होना शेष है. लेकिन, इसके पहले ही जेडीयू ने उम्मीदवारों को उतारने की शुरुआत कर दी है. जहां रूही तांगुंग को अरुणाचल पश्चिम पीसी से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की गई है, वहीं इसके पहले बिहार को लेकर भी एक बड़ी घोषणा हो चुकी है. बिहार विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर को सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने को नीतीश कुमार ने हरी झंडी दे दिया है . ऐसे में जेडीयू ने पहले देवेश चंद्र ठाकुर और अब रूही तांगुंग के रूप में दो उम्मीदवार तय कर दिए हैं.
इंडी अलायंस की दिल्ली बैठक के बाद नाराज बताए जा रहे नीतीश कुमार
रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडी अलायंस की वर्चुअली बैठक आखिरी समय में अचानक टालने की कोई वजह फिलहाल नहीं बताई गई है. सूत्रों के मुताबिक जल्द ही किसी और दिन बैठक बुलाई जा सकती है. हालांकि, अभी किसी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है. इंडी गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक में नीतीश कुमार को नजरअंदाज कर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संयोजक बनाने की बात कही थी. उसके बाद से नीतीश कुमार गठबंधन से नाराज बताए जा रहे हैं. तब बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस के लिए भी वह नहीं रुके थे.
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने नीतीश, दिए बड़ा फैसला लेने के संकेत
कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ पहल कर कई राज्यों की यात्रा की, नेताओं से मिले और विपक्षी गठबंधन की स्थापना की थी. इसके बावजूद अपने साथ सही व्यवहार नहीं किए जाने पर नीतीश कुमार के तेवर एकदम से बदल गए. सबसे पहले उन्होंने अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को पद से हटाया और पूरी कमान अपने हाथों में ली. उसके बाद से वह लगातार इंडी गठबंधन को लेकर बड़ा फैसला लेने के संकेत दे रहे हैं. वहीं, राजनीति में कोई शत्रु नहीं, भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं... जैसे बयानों से उनकी पार्टी के सीनियर नेता केसी त्यागी लगातार माहौल बना रहे हैं.
नीतीश कुमार की नाराजगी को लेकर बिहार की राजनीति में उथल-पुथल
दूसरी ओर, इंडी गठबंधन से नीतीश कुमार की नाराजगी को लेकर बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है. गठबंधन के सहयोगी आरजेडी और कांग्रेस को शंका है कि नीतीश कुमार कहीं फिर से पलटी मारकर बीजेपी के साथ एनडीए में न चले जाएं. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नीतीश के पलटी मारने से कम से कम बिहार में इंडी गठबंधन का पूरा खेल बिगड़ सकता है. इसलिए कांग्रेस और आरजेडी ने मिलकर नीतीश कुमार को इंडी गठबंधन का संयोजक बनाने की पहल की. बताया गया कि गठबंधन के बाकी सहयोगी दलों में भी इसके लिए रजामंदी है. हालांकि, आखिरी वक्त में गठबंधन की वर्चुअल मीटिंग टल जाने के कई मतलब निकाले जा रहे हैं.
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