एमपी में 1 अप्रैल से नया शिक्षण सत्र; ‘स्कूल चलें हम’ अभियान शुरू, इस बार ये है खास

मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026‑27 शुरू होगा. ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत चार दिनों तक स्कूलों में विशेष कार्यक्रम.

Mar 31, 2026 - 18:03
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एमपी में 1 अप्रैल से नया शिक्षण सत्र; ‘स्कूल चलें हम’ अभियान शुरू, इस बार ये है खास

मध्य प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है और इस बार इसकी शुरुआत सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि उत्साह, संवाद और सहभागिता के साथ होगी. स्कूल शिक्षा विभाग ने नए सत्र को ‘स्कूल चलें हम' अभियान के रूप में मनाने का फैसला किया है, जो 1 से 4 अप्रैल तक चलेगा. इन चार दिनों में प्रदेश की शालाओं में अलग‑अलग गतिविधियाँ होंगी, जिनका फोकस बच्चों के नामांकन, स्कूल से जुड़ाव और पढ़ाई के प्रति भरोसा बढ़ाने पर रहेगा. अभियान के तहत सरकारी स्कूलों को फिर से सीखने‑सिखाने का जीवंत केंद्र बनाने की तैयारी है.

प्रदेश भर में चार दिन चलेगा खास अभियान

स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक ‘स्कूल चलें हम' अभियान के दौरान प्रदेश की सभी शालाओं में हर दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ नए सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि उन बच्चों तक भी पहुँचना है जो किसी कारणवश अब तक स्कूल से बाहर हैं. विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी कर दिए हैं. प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं, जिनमें प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक लगभग 85 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

‘स्कूल चलें हम' अभियान का राज्य स्तरीय आयोजन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में किया जाएगा. राज्य स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं. माना जा रहा है कि इस मंच से सरकार स्कूली शिक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकताएं और आगे की दिशा भी साफ करेगी. विभागीय अधिकारी कार्यक्रम को प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए समन्वय में जुटे हुए हैं.

जिला और स्कूल स्तर पर प्रवेशोत्सव, किताबें भी मिलेंगी

अभियान के तहत जिले‑जिले में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जिलों के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे. चयनित शालाओं में होने वाले इन कार्यक्रमों में सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रहेगी. इस दौरान छात्रों को नि:शुल्क पाठ्य‑पुस्तकें वितरित की जाएंगी. विभाग का दावा है कि इस बार नए सत्र की शुरुआत में ही बच्चों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी छात्र बिना किताब के न रहे.

स्कूल से बाहर रहे बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस

‘स्कूल चलें हम' अभियान का एक अहम पहलू उन बच्चों को स्कूल से जोड़ना है जो अब तक शाला से बाहर रहे हैं. ग्रामों और बसाहटों में ऐसे बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन कराया जाएगा. स्कूल स्तर पर बच्चों के अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा, ताकि वे भी शिक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बनें. एक अप्रैल को कक्षा एक से आठ तक की सभी शालाओं में बालसभा का आयोजन किया जाएगा. इस दिन बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है.

‘भविष्य से भेंट' में छात्रों से रूबरू कार्यक्रम

अभियान के दूसरे दिन यानी 2 अप्रैल को शालाओं में ‘भविष्य से भेंट' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रेरणादायक व्यक्तियों को बच्चों से संवाद के लिए बुलाया जाएगा. खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे. ये अतिथि बच्चों को पढ़ाई के महत्व के साथ जीवन से जुड़ी प्रेरक कहानियाँ सुनाएंगे. कुछ सामाजिक संस्थाएं और व्यक्ति बच्चों को शाला उपयोगी सामग्री भी भेंट कर सकते हैं.

सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों से जुड़ेगा परिवार

3 अप्रैल को शालाओं में पालकों के साथ सांस्कृतिक और खेल‑कूद गतिविधियाँ होंगी. इसका मकसद स्कूल और परिवार के बीच दूरी कम करना है. इसी दौरान शिक्षकीय स्टाफ पैरेंट्स को राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देगा. पिछले सत्र में जिन बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से अधिक रही, उनके अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा.

जो पिछड़ गए, उन्हें मिलेगा आगे बढ़ने का मौका

अभियान के अंतिम दिन यानी 4 अप्रैल को उन छात्रों की पहचान की जाएगी जो किसी कारणवश कक्षोन्नति हासिल नहीं कर पाए. पालकों को समझाया जाएगा कि एक असफलता भविष्य का अंत नहीं होती. स्कूल प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी इसी दिन होगी, जिसमें नए सत्र में शत‑प्रतिशत नामांकन के लिए रणनीति बनाने पर चर्चा की जाएगी. अधिकारियों ने कहा हमारा लक्ष्य साफ है 'कोई बच्चा स्कूल से बाहर न रहे'.

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