महाकाल मंदिर के पास 12 मकानों पर चला बुलडोजर, 4.25 करोड़ रुपए का मिला मुआवजा
महाकाल मंदिर के पास उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 12 मकानों पर बुलडोजर चलाया गया और प्रभावित परिवारों को 4.27 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया.
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में एक बार फिर विकास कार्य को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. मंदिर के पास स्थित संकरी सड़कों को चौड़ा करने के लिए प्रशासन ने मंगलवार को 12 मकानों पर बुलडोजर चलाया. इन मकानों के बदले सरकार ने प्रभावित परिवारों को कुल 4 करोड़ 27 लाख रुपए का मुआवजा दिया है. यह कदम श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई कार्रवाई
महाकाल मंदिर तक पहुंचने वाला पार्किंग मार्ग लंबे समय से संकरा बना हुआ था. खासकर बेगमबाग इलाके में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती थी. हरिफाटक ब्रिज से मंदिर तक सुगम रास्ता देने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस सड़क को चौड़ा करने का फैसला लिया गया. इसी योजना के अंतर्गत मार्ग में आ रहे 14 मकानों का अधिग्रहण किया गया, जिनमें से 12 मकानों को मंगलवार को तोड़ा गया.
4.27 करोड़ रुपए का दिया गया मुआवजा
सड़क विस्तार के लिए जिन लोगों के मकान अधिग्रहित किए गए हैं, उन्हें शासन की ओर से कुल 4 करोड़ 27 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया. प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई से पहले सभी संबंधित मकान मालिकों को नोटिस दिया गया था और तय प्रक्रिया के अनुसार भुगतान भी किया गया. दो मकानों पर अभी कार्रवाई शेष बताई जा रही है.
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
बेगमबाग क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. मौके पर सीएसपी राहुल देशमुख, टीआई गगन बादल सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे. इसके अलावा नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, स्मार्ट सिटी के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अफसर भी पूरे समय मौके पर डटे रहे.
यूडीए की लगातार कार्रवाई
उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) भी पिछले करीब आठ महीनों से लीज उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रहा है. अब तक यूडीए 57 मकानों को ध्वस्त कर चुका है. बीते मंगलवार को ही 15 मकानों को गिराया गया था, जबकि इससे पहले 42 मकान तोड़े जा चुके हैं. प्रशासन की तैयारी के अनुसार आने वाले दिनों में करीब 33 और मकान, दुकानें और होटल हटाए जा सकते हैं.
विकास के साथ असुविधा की सच्चाई
महाकाल क्षेत्र में चल रहा यह अभियान शहर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि, जिन लोगों के घर टूटे हैं, उनके लिए यह फैसला भावनात्मक और व्यावहारिक रूप से कठिन भी है. प्रशासन का दावा है कि मुआवजे और पुनर्व्यवस्था के जरिए लोगों को राहत देने की कोशिश की जा रही है, ताकि विकास और आम नागरिकों के हितों के बीच संतुलन बना रहे.
साभार