कमलनाथ-दिग्विजय होंगे एक्टिव, जीतू पटवारी के बयान से मिले संकेत, राहुल गांधी से हुई थी मुलाकात
मध्य प्रदेश में कांग्रेस किसान यात्रा निकालने वाली है, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी यात्रा में पूरी तरह से एक्टिव रहेंगे.
मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस को लेकर अहम संकेत मिल रहे हैं. विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद से ही एक्टिव नहीं दिख रहे पूर्व सीएम कमलनाथ ने हाल ही में राहुल गांधी से मुलाकात की थी. जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में कयासों का दौर शुरू हो गया था. सब इस बात की अटकलें लगाने में लगे थे कि कही कमलनाथ फिर से दिल्ली की राजनीति में तो एक्टिव नहीं होने वाले हैं. लेकिन सब अटकलों के बीच कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में किसान यात्रा निकालने का ऐलान किया है. जिस पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने दो बड़े नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को लेकर अहम संकेत दिए हैं. कांग्रेस 20 सितंबर से प्रदेश में किसान यात्रा निकालने वाली है.
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह यात्रा का नेतृत्व करेंगे
किसान यात्रा को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा प्रदेश सरकार ने किसानों से जो वादे किए थे वह पूरे नहीं किए हैं. इसलिए सोयाबीन, गेहूं और धान के धाम बढ़ाए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी हर जिले में किसान न्याय यात्रा और ट्रैक्टर रैली निकालेगी. इस यात्रा में पार्टी के सभी बड़े नेता शामिल होंगे. पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भी यात्रा में शामिल होंगे और अलग-अलग जिलों में इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे. दरअसल, कमलनाथ विधानसभा चुनाव के बाद से ही एक्टिव नहीं थे, जबकि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने केवल छिंदवाड़ा पर फोकस किया था.
राहुल गांधी से मिले थे कमलनाथ
दरअसल, हाल ही में दिल्ली दौरे पर गए कमलनाथ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में दोनों दिग्गजों के बीच क्या बातचीत हुई इसको लेकर तो खुलकर कोई जानकारी सामने नहीं आई. लेकिन इस बात की चर्चा चल रही है कि कांग्रेस उन्हें केंद्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है. चर्चा यह भी थी कि पार्टी उन्हें महासचिव बना सकती है. लेकिन कमलनाथ ने इस पर कहा था कि वह ऐसे किसी जिम्मेदारी से बंध नहीं सकते हैं, लेकिन पार्टी का काम करते हैं. मैं पार्टी का सक्रिए कार्यकर्ता हूं. लेकिन पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के बयान से स्पष्ट होता दिख रहा है कि कमलनाथ को दिल्ली में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में ही जिम्मेदारी मिल सकती है.
जीतू पटवारी की टीम जल्द बनेगी
इस बीच चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि अब जीतू पटवारी भी नई कार्यकारिणी बनाएंगे. पटवारी ने बताया कि जो काम करने होते हैं वो हमारे प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर किए जाते हैं. इसलिए जल्द ही प्रदेश में नई कार्यकारिणी बनेगी. बताया जा रहा है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जिम्मेदारी तय होने और उनकी सहमति से ही नई टीम बनाई जाएगी. ताकि प्रदेश में बैलेंस बना रहे.
किसान यात्रा से एकजुटता का संदेश
दरअसल, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की एक तरह से फिर से प्रदेश में वापसी कराकर कांग्रेस एकजुटता का संदेश देने में जुटी है. क्योंकि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार प्रदर्शन और धरने में जुटी है. पटवारी हर एक मुद्दे पर मोहन सरकार को घेर रहे हैं. ऐसे में पार्टी प्रदर्शन और धरनों के साथ-साथ अब एकजुटता का संदेश भी देना चाहती है.
पटवारी ने किसान यात्रा को लेकर कहा एक लाख बार बीजेपी सरकार ने किसान की आय दुगनी करने की बात कही लेकिन पिछले 10 साल पहले जो स्तिथि में थी वही है. किसान यात्रा के जरिए किसान हित में ही मुहिम चलाई जाएगी. ये किसी दलगत राजनीति की बात नहीं है जितना सेना का जवान देशभक्त है उतना की किसान है, सरकार ने इन 9 महीनों में किसान हित में काम नहीं किया. इसलिए कांग्रेस पार्टी किसान यात्रा निकालेगी.
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