देश की पहली 'साथी बाजार' परियोजना का शुभारंभ, 12 करोड़ की लागत से 5 एकड़ में बनेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
देश का पहला “साथी बाजार” परियोजना का शुभारंभ कर दिया गया है. 12 करोड़ की लागत से 5 एकड़ में इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा. परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा और उचित भंडारण व्यवस्था दी जाएगी.
दुर्ग के रूआबांधा में लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में 'साथी बाजार' परियोजना की स्थापना की जा रही है. यह छत्तीसगढ़ राज्य में केंद्र सरकार की 'साथी' परियोजना के अंतर्गत स्थापित होने वाला पहला साथी बाजार (Chhattisgarh First Partner Market) होगा. 20 फरवरी को इस परियोजना का भूमिपूजन कृषि विकास व किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने किया. इस दौरान पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी मौजूद रहे.
आधुनिक बाजार विकसित किया जाएगा
छत्तीसगढ़ राज्य बीज व कृषि विकास निगम रायपुर की ओर से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को दुर्ग जिले के रूआबांधा क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां यह आधुनिक बाजार विकसित किया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत करीब 12 करोड़ रुपये है और इसे दिसंबर 2026 तक हस्तांतरित करने का लक्ष्य है.
प्रोसेसिंग सुविधाएं भी विकसित की जाएगी
साथी बाजार परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को एकीकृत करके आमजन को अधिकतम लाभ प्रदान करना है. इस बाजार में लगभग 154 प्रकार के उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था होगी, जिसमें दैनिक उपयोग की सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी. साथ ही कई कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग सुविधाएं भी परिसर में विकसित की जाएंगी.
आधुनिक कोल्ड स्टोरेज की सुविधा
परियोजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा, उचित भंडारण व्यवस्था और बेहतर विपणन के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा. यह बाजार स्थानीय किसानों, महिला समूहों व उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में विकसित होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
यह बाजार देश का पहला ऐसा बाजार होगा, जहां किसानों की आय दोगुनी करने और उनके जीवन को ऊंचा आयाम देने का गंभीर प्रयास किया जाएगा. बाजार के संचालन के लिए डायरेक्ट के साथ राज्य शासन का समझौता भी हुआ है.
भूमिपूजन समारोह के दौरान मीडिया के सवालों पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने विशिष्ट अंदाज में जवाब दिए. जब उनसे परियोजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'भूमिपूजन तो हो गया है, जाइए देखिए.' वहीं होली के दिन शराब की दुकानें खुली रहने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा, 'क्या मैं सभी जवाब दूंगा मुझे कुछ पता नहीं.'
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