पहले फेसबुक फ्रेंड बनी ‘यूके की युवती’, फिर ग्वालियर के व्यापारी को लगा दिया 1.41 करोड़ का चूना

आरोपी महिला ने कारोबारी को GOLD/DGMCOINFX.COM नामक कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने की सलाह दी. निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में उनसे 1.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए. जैसे ही पूरी रकम खातों में पहुंची, आरोपी ने ‘शिवानी अग्रवाल’ के नाम से बना अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया और संपर्क तोड़ लिया.

Feb 2, 2026 - 20:47
 0  5
पहले फेसबुक फ्रेंड बनी ‘यूके की युवती’, फिर ग्वालियर के व्यापारी को लगा दिया 1.41 करोड़ का चूना

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर के एक वरिष्ठ गत्ता कारोबारी साइबर ठगों के जाल में फंसकर 1.41 करोड़ रुपये गंवा बैठे हैं. आरोप है कि खुद को यूके की नागरिक बताने वाली एक महिला ने फेसबुक के जरिए उनसे संपर्क किया और भरोसा जीतकर उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए राजी कर लिया. कुछ ही दिनों में यह दोस्ती एक ठगी सोची समझी जाल में तब्दील हो गई औऱ देखते हुए देखते ठग ने व्यापारी से 74 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1.41 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया. 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने कारोबारी को GOLD/DGMCOINFX.COM नामक कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने की सलाह दी. निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किश्तों में उनसे 1.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए. जैसे ही पूरी रकम खातों में पहुंची, आरोपी ने ‘शिवानी अग्रवाल' के नाम से बना अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया और संपर्क तोड़ लिया.

12 राज्यों में फैला लेन-देन

साइबर पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, ठगी की यह राशि 74 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए देश के 12 राज्यों के 20 से अधिक शहरों में मौजूद 30 बैंक खातों में भेजी गई. इनमें उत्तर प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तराखंड, केरल, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और बिहार शामिल हैं.

इन बैंकों पर है फोकस

जांच में सामने आया कि लगभग 12 लाख रुपये मध्य प्रदेश के देवास जिला स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में ट्रांसफर हुए, जबकि करीब 15 लाख रुपये पंजाब के यस बैंक में आठ ट्रांजेक्शन के माध्यम से भेजे गए. पुलिस टीम इन खातों की जानकारी जुटाकर संबंधित शहरों में जांच के लिए रवाना हो रही है.

घटना की शिकायत साइबर थाने में दर्ज होने के बाद पुलिस की विशेष टीम मामले की तह तक जाने में जुटी है. खातों की डिटेल खंगाली जा रही है और जिन लोगों के नाम पर खाते खुले हैं, उनकी पहचान की जा रही है. पुलिस का मानना है कि यह संगठित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का मामला हो सकता है.

साभार