फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए सरकार का मास्टर प्लान तैयार, लॉन्च किया नया सिस्टम

दूरसंचार विभाग (डॉट) ने अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाले स्कैम और स्पैम कॉल्स का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए टू-टियर सिस्टम लॉन्च किया है. यह सिस्टम दो फेज में काम करेगा. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं

Oct 7, 2024 - 20:34
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फर्जी कॉल्स को रोकने के लिए सरकार का मास्टर प्लान तैयार, लॉन्च किया नया सिस्टम

दूरसंचार विभाग (डॉट) ने अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाले स्कैम और स्पैम कॉल्स का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए टू-टियर सिस्टम लॉन्च किया है. यह सिस्टम दो फेज में काम करेगा. पहले फेज में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSP) अपने नेटवर्क से संबंधित फोन नंबरों से इंटरनेशनल स्पूफ्ड कॉल्स को रोकने का प्रयास करेंगे. दूसरे फेज में अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स के सब्सक्राइबरों द्वारा किए गए इंटरनेशनल स्पूफ्ड कॉल्स को रोका जाएगा. 

संचार मंत्रालय ने क्या कहा?

संचार मंत्रालय ने 4 अक्टूबर को जारी एक प्रेस रिलीज में कहा कि "अभी तक सभी चार टीएसपी ने सफलतापूर्वक सिस्टम लागू कर लिया है. लगभग एक तिहाई कुल स्पूफ्ड कॉल्स में से 4.5 मिलियन स्पूफ्ड कॉल्स को इंडियन टेलीकॉम नेटवर्क में प्रवेश करने से रोका जा रहा है. दूसरे फेज में "सभी टीएसपी में स्पूफ्ड कॉलों को समाप्त करने वाली एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को जल्द ही चालू किए जाने की उम्मीद है."

WhatsApp और OTT प्लेटफॉर्म्स से आ रही कॉल

हाल के समय में कई भारतीय यूजर्स ने व्हाट्सएप और अन्य ओटीटी प्लेटफार्मों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय नंबरों से स्कैम या स्पैम कॉल प्राप्त करने की सूचना दी है. मंत्रालय ने एक रूपरेखा तैयार की है जो उसने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए पहले उठाए हैं, जैसे कि साइबर क्राइम और फाइनेंशिय फ्रॉड से निपटने के लिए एक डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) स्थापित करना और नागरिकों के लिए संचार साथी पोर्टल लॉन्च करना ताकि वे अपने खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक कर सकें. एक डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म भी स्थापित किया है जो स्थानीय अधिकारियों, सेंट्रल एजेंसियों, बैंकों, टेलीकॉम ऑपरेटरों के बीच ऑनलाइन स्कैम्स को रोकने के लिए सूचना शेयर करने में सक्षम बनाता है.

विभाग ने यह भी कहा कि वह जाली केवाईसी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके हासिल किए गए मोबाइल कनेक्शन की पहचान करने और उन्हें डिसेब करने के लिए एआई टूल का उपयोग करता है. दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के एक हालिया निर्देश ने सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को अनचाही कॉल और एसएमएस को रोकने के लिए एआई/एमएल स्पैम डिटेक्शन सिस्टम इनेबल करने का निर्देश दिया. स्पैम कॉल को कम करने के लिए ट्राई ने सीएनएपी नाम का एक मैंडेटरी कॉलर आईडी सिस्टम भी प्रस्ताव रखा है और दिन में 50 से ज्यादा कॉल करने या 50 एसएमएस भेजने वाले सब्सक्राइबरों के लिए शुल्क पर विचार किया है. 

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