मंत्री गोविंद सिंह को SC से मिली बड़ी राहत! लंबे समय से थे मुश्किल में; जानें क्या है मामला

सागर जिले के मानसिंह पटेल मामले में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग खारिज कर दी है.

Apr 6, 2025 - 17:54
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मंत्री गोविंद सिंह को SC से मिली बड़ी राहत! लंबे समय से थे मुश्किल में; जानें क्या है मामला

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बहुचर्चित मानसिंह पटेल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की खात्मा रिपोर्ट में दखल देने और केस की सीबीआई जांच से इनकार कर दिया है. कोर्ट से राहत मिलने के बाद मंत्री राजपूत ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है. बता दें कि लापता मानसिंह पटेल मामले में मंत्री राजपूत लंबे समय से मुश्किलों में चल रहे थे.

मानसिंह केस में मंत्री गोविंद को मिली राहत

दरअसल सागर के ओबीसी नेता मानसिंह पटेल की गुमशुदगी की जांच के लिए कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था. एसआईटी ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. विनय मलैया और राजकुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं. इसमें उन्होंने मानसिंह के मामले में पहले गठित एसआईटी के गठन को चुनौती दी थी और सीबीआई जांच की मांग की थी.  

जानें पूरा मामला

साल 2016 में ओबीसी नेता मानसिंह पटेल लापता हो गए थे. मानसिंह के बेटे ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और मंत्री गोविंद राजपूत पर मानसिंह के अपहरण का आरोप लगाया था. इसके पीछे जमीन विवाद बताया गया. उस समय मंत्री राजपूत के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी. लेकिन इस मामले पर खूब राजनीति हुई थी. पुलिस ने एसआईटी बनाई थी लेकिन एसआईटी की जांच पर सवाल उठे थे और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया.

गठित की थी एसआईटी

बीते साल सितंबर में लापता मानसिंह पटेल के बेटे की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक नई एसआईटी गठित की थी जिसमें मप्र के पुलिस अफसरों को दूर रखा गया था और राज्य से बाहर के आईपीएस अफसरों को इसका सदस्य बनाया गया था. इस नई एसआईटी ने एफआईआर दर्ज की थी और उसमें मंत्री राजपूत का नाम सीधे तौर पर तो नहीं था, लेकिन उनका नाम जरूर था. इस नई एसआईटी के गठन के बाद एक बार फिर मंत्री के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला था और राजनीति भी गरमा गई थी. लेकिन कुछ ही महीनों में एसआईटी ने जांच पूरी कर कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी.

मंत्री गोविंद राजपूत ने कोर्ट का जताया आभार 

सागर जिला न्यायालय में खात्मा रिपोर्ट पेश होने के बाद मंत्री राजपूत को राहत मिली थी. लेकिन सागर निवासी विनय मलैया और राजकुमार सिंह ने इस रिपोर्ट और सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया. नई एसआईटी ने जिला न्यायालय में दी गई खात्मा रिपोर्ट को सही ठहराया और साफ कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट सागर न्यायालय की जांच में दखल नहीं देगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से खुद मंत्री राजपूत के साथ उनके समर्थकों को भी बड़ी राहत मिली है. इस फैसले के बाद मंत्री राजपूत का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया है और कोर्ट का आभार जताया है.

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