मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में SIR को लेकर हंगामे के आसार

केंद्र सरकार ने मानसून सत्र में कुल आठ नए विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई है. इस सत्र के दौरान बीजेपी और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच तीखी नोकझोंक होने की संभावना है.

Jul 17, 2025 - 17:42
 0  17
मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में SIR को लेकर हंगामे के आसार

केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले 20 जुलाई 2025 को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक का उद्देश्य सत्र के दौरान सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करना और विपक्षी दलों से सहयोग प्राप्त करना है. बैठक में सरकार के तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कुछ वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे. इसके अलावा अलग अलग विपक्षी दलों और एनडीए के विभिन्न दलों के नेता और संसदीय दलों के प्रमुख इस बैठक में शामिल होंगे.

आठ नये विधेयक पेश करेगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार सोमवार (21 जुलाई 2025) से शुरू हो रहे मानसून सत्र में कुल आठ नये विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई है जिनमें भू-विरासत स्थलों और भू-अवशेषों के संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित एक विधेयक भी शामिल है. मानसून सत्र के लिए प्रस्तावित विधेयकों में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक शामिल है.

ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में SIR को लेकर हंगामे के आसार

मानसून सत्र के दौरान 12 अगस्त से 18 अगस्त तक रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण अवकाश रहेगा. ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) को लेकर सियासत गरमाई हुई है. कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग और सरकार पर हमला बोल रहे हैं. ऐसे में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच तीखी नोकझोंक होने की संभावना है.

मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्धविराम की मध्यस्थता का दावा किए जाने के विषयों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में हैं. इस बार सरकार आयकर विधेयक, 2025 भी पेश कर सकती है. यह विधेयक फरवरी में लोकसभा में पेश किया गया था और इसे निचले सदन की प्रवर समिति को भेज दिया गया था.

साभार