मेरे अंदर ईगो नहीं...', विराट ने बताई क्रिकेट फिलॉसफी, IPL जर्नी पर किए चौंकाने वाले खुलासे
दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल 2025 में तूफानी पारी खेली. उन्होंने सोमवार (7 अप्रैल) को वानखेड़े स्टेडियम में 42 गेंद पर 67 रन बनाए. इस दौरान 8 चौके और 2 छक्के लगाए.
दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल 2025 में तूफानी पारी खेली. उन्होंने सोमवार (7 अप्रैल) को वानखेड़े स्टेडियम में 42 गेंद पर 67 रन बनाए. इस दौरान 8 चौके और 2 छक्के लगाए. कोहली ने इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली. वह टी20 क्रिकेट में 13 हजार रन बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए.
विराट को इस बात पर गर्व
कोहली ने कहा कि उनका मूल सिद्धांत अहंकार पर काबू रखते हुए मैच की परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करना है. उन्होंने कहा कि उनके अंदर कभी ईगो नहीं रहा. विराट ने जियो हॉटस्टार से कहा, ''यह (बल्लेबाजी) कभी अहंकार के बारे में नहीं है. यह कभी किसी को मात देने की कोशिश नहीं है. मेरे लिए यह हमेशा खेल की स्थिति को समझने के बारे में रहा है. यह कुछ ऐसा है जिस पर मुझे हमेशा गर्व है. मैं परिस्थितियों के अनुसार खेलना चाहता हूं.''
कोहली ने क्या कहा?
विराट ने कहा, ''अगर मैं लय में होता हूं तो मैं स्वाभाविक रूप से जिम्मेदारी उठाने की पहल करता. अगर कोई और बेहतर तरीके से खेल रहा होता है तो वह ऐसा करता है.'' कोहली आईपीएल में सबसे ज्यादा शतक और रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने 256 मैचों में आठ शतकों के साथ 8168 रन बनाए हैं. इस 36 साल के खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने 2011 सत्र के बाद से इस प्रारूप की जरूरतों को समझ लिया.''
विराट की आईपीएल जर्नी
विराट ने कहा, ''रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ अपने पहले तीन वर्षों में मुझे शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने के मौके नहीं मिले. मुझे आमतौर पर निचले क्रम में भेजा जाता था. ऐसे में मैं उस दौरान आईपीएल में बड़े पैमाने पर सफल नहीं हो पाया. मैंने साल 2010 से अच्छा प्रदर्शन करना शुरू किया और 2011 से नियमित तौर पर तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने लगा. तब से मैंने निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है. कोहली ने स्वीकार किया कि लीग में 18 साल बिताने से उन्हें क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में अपने कौशल को निखारने में मदद मिली.''
आईपीएल में अलग चुनौतियां
आरसीबी के पूर्व कप्तान ने कहा, ''आईपीएल आपको बहुत ही अनोखे तरीके से चुनौती देता है क्योंकि इस लीग की संरचना काफी अलग है. यह एक छोटी द्विपक्षीय सीरीज की तरह नहीं है, यह कई हफ्तों तक चलता है और अंक तालिका में आपकी स्थिति बदलती रहती है. लगातार बदलते परिदृश्य से अलग-अलग तरह के दबाव आते हैं. टूर्नामेंट से आपको मानसिक और प्रतिस्पर्धी रूप से कई तरीकों से आगे बढ़ाने की चुनौती मिलती है जो अन्य प्रारूपों में नहीं होती. इसने मुझे अपने टी20 कौशल को लगातार सुधारने और विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया है.''
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