मोदी का बड़ा संदेश, समिट में प्रधानमंत्री के आगे नेमप्लेट पर लिखा दिखा 'भारत'
G20: इंडिया Vs भारत विवाद के बीच एक नए फोटो ने इसको और हवा दे दी है. जी20 समिट के दौरान पीएम मोदी के आगे रखी नेमप्लेट पर भारत लिखा दिखा है.
में आयोजित G20 समिट (G20 Summit) में पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन भाषण दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री के आगे जो नेमप्लेट रखी थी उसपर भारत (Bharat) लिखा दिखा. इससे पहले जब भी इस प्रकार की मीटिंग होती हैं तो उसमें देश का नाम इंडिया लिखा जाता था. भारत Vs इंडिया विवाद देश में पहले से ही जारी है. माना जा रहा है कि जी20 समिट में पीएम मोदी के आगे रखी नेमप्लेट पर भारत लिखा होना बड़ा संदेश है. जान लें कि ये विवाद तब शुरू हुआ था जब राष्ट्रपति को जी20 के डिनर के लिए भेजे गए निमंत्रण में प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसीडेंट ऑफ भारत लिखा था. इसके बाद विपक्षियों ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार इंडिया का नाम बदलकर भारत करना चाहती है.
भारत के समर्थन में स्मृति ईरानी का ट्वीट
बता दें कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी पीएम मोदी का वह फोटो ट्वीट किया है जिसमें भारत वाली नेमप्लेट दिख रही है. स्मृति ईरानी ने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी का फोटो पोस्ट किया और उसके कैप्शन में लिखा कि उम्मीद और विश्वास का नया नाम - भारत.
भारत बनाम इंडिया विवाद क्या है?
इससे पहले इंडिया बनाम भारत पर चल रही बहस के बीच एक और निमंत्रण पत्र सामने आया था जिसपर इंडिया की जगह भारत लिखा था. आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी की यात्रा का विवरण जिन दस्तावेजों में था, उसमें भी एक बदलाव दिखा था.
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भारत नाम पर अचानक जिस तरह जोर डालना शुरू किया, वो विपक्ष को हजम नहीं हुआ. इसलिए विपक्ष इसे मुद्दा बना कर केंद्र सरकार पर लगातार हमले किए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि I.N.D.I.A. को देखते ही वो घबरा रहे हैं. अरे, आप I.N.D.I.A. छोड़ दो भारत नाम रखो, तो भारत नाम रखने के लिए आ रहे हैं.
वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर सिर्फ गर्ज ये है कि विपक्ष की पार्टियों ने इंडिया नाम रखा है, तो फिर हम अपना ही नाम बदल देंगे. हम मुल्क को मुसीबत में नहीं डालना चाहते हैं. इस पर BJP के नेताओं ने भी पलटवार किया था और कहा कि जब संविधान में ही इंडिया दैट इज भारत लिखा हुआ है तो फिर देश को असली नाम से पुकारने पर ऐतराज क्यों?