यादव वोटों पर सेंधमारी की तैयारी, MP के CM मोहन यादव के अमेठी दौरे से बदलेंगे सियासी समीकरण

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव आज उत्तर प्रदेश के अमेठी के दौरे पर रहेंगे. यहां पर सीएम बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी के नामांकन में शामिल होंगे. साथ ही साथ जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

Apr 29, 2024 - 17:28
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यादव वोटों पर सेंधमारी की तैयारी, MP के CM मोहन यादव के अमेठी दौरे से बदलेंगे सियासी समीकरण

 लोकसभा चुनाव में दो चरणों का मतदान हो गया है. बाकि बचे हुए चरणों के लिए बीजेपी- कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी- अपनी रणनीति बनाने में जुटी हुई है. इसी बीच देश की सबसे हाईप्रोफाइल सीटों में एक यूपी की अमेठी लोकसभा सीट से एक बड़ी खबर सामने आई है. बता दें कि यहां से बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आज अपना नामांकन करेंगी. उनके नामांकन में एमपी के सीएम मोहन यादव भी शामिल होंगे. नामांकन के जरिए बीजेपी बड़ी सेंधमारी की तैयारी में है. मोहन के अमेठी दौरे से न केवल अमेठी लोकसभा बल्कि आस- पास के संसदीय क्षेत्र पर भी असर पड़ेगा. 

नामांकन में शामिल होंगे मोहन यादव 

अमेठी लोकसभा सीट से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी आज अपना नामांकन करेंगी. नामांकन में मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव भी शामिल होंगे. नामांकन के अलावा सीएम मोहन यादव रोड शो भी करेंगे, साथ ही साथ जनता को संबोधित भी करेंगे. उनके दौरे से अमेठी लोकसभा सीट के अलावा रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र में भी इसका असर देखा जाएगा. बता दें कि इन सीटों पर भी यादव वोटों की अच्छी खासी संख्या हैं. ऐसे में सीएम मोहन यादव बीजेपी के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं.

इन सीटों पर भी पड़ेगा असर 

मोहन यादव के दौरे से अमेठी के अलावा रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र पर भी असर पड़ेगा. इन सीटों पर यादव वोटर काफी संख्या में हैं. अमेठी की बात करें तो यहां पर करीब 1 लाख 85 हजार यादव वोटरों की संख्या है. इन वोटरों पर बीजेपी का फोकस है, ऐसे में मोहन यादव का दौरा कई मायनों में अहम साबित हो सकता है. बता दें कि सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ लोकसभा सीट बीजेपी के खाते में है, जबकि रायबरेली पर कांग्रेस का कब्जा है, इस सीट पर भी मोहन यादव के दौरे का असर पड़ सकता है. 

अमेठी लोकसभा सीट की बात करें तो इसे कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है. इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहता था. हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां पर बड़ा उलटफेर किया था. यहां से स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को चुनावी मैदान में मात दी थी. बता दें की साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. जिसका असर हुआ कि उन्होंने 2019 के चुनाव में जीत हासिल की.  

इस बार के चुनाव की बात करें तो सियासी रहनुमाओं की नजरें अमेठी लोकसभा सीट पर टिकी हुई है. क्योंकि यहां से अभी तक कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं घोषित किया है. राहुल गांधी के यहां से फिर से चुनाव लड़ने के कायास लगाए जा रहे हैं. हालांकि अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस किस पर दांव लगाती है. 

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