रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां तेज; कुबेरेश्वर धाम के दुकानदारों पर हुआ ये एक्शन
कुबेरेश्वर धाम में पिछले वर्ष भारी भीड़ के कारण पैदा हुई अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है. कलेक्टर बालागुरू के. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई बैठक में निर्देश दिए कि मुख्य आयोजन से दो दिन पहले मॉक ड्रिल की जाएगी.
कुबेरेश्वर धाम सीहोर (Kubereshwar Dham Sehore) में 14 फरवरी से प्रस्तावित रुद्राक्ष महोत्सव (Rudraksh Mahotsav) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने धाम परिसर एवं आसपास के मार्गों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मुहिम शुरू कर दी है. इसी क्रम में शुक्रवार को व्यापक अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई, जिसमें सड़क पर फैले दुकानों के सामान जब्त किए गए. बताया गया कि अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था
चेतावनी के बावजूद नहीं माने दुकानदार
प्रशासन ने दो दिन पहले ही दुकानदारों को निर्देश दिए थे कि वे सड़क तक दुकानें न फैलाएं और आवागमन बाधित न करें. इसके बावजूद कई विक्रेताओं ने निर्देशों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे दुकानें जमा ली थीं. शुक्रवार को एसडीएम तन्मय वर्मा, तहसीलदार भरत नायक, मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर और भारी पुलिस बल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया और सड़क पर फैला सामान जब्त कर लिया. अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि दोबारा सड़क घेरने की कोशिश की गई तो दुकानदारों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दो दिन पहले होगी मॉक ड्रिल
कुबेरेश्वर धाम में पिछले वर्ष भारी भीड़ के कारण पैदा हुई अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है. कलेक्टर बालागुरू के. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई बैठक में निर्देश दिए कि मुख्य आयोजन से दो दिन पहले मॉक ड्रिल की जाएगी. इसका उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी और सुरक्षा प्रबंधन की तैयारियों को परखना है. कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इन व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
रुद्राक्ष वितरण बंद : पिछले वर्ष भीड़ बढ़ने का प्रमुख कारण रहे रुद्राक्ष वितरण को इस बार बंद करा दिया गया है, ताकि एक ही स्थान पर अधिक संख्या में लोग जमा न हों. यह कदम भगदड़ की संभावना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है.घरेलू गैस सिलेंडर पर रोक : धाम परिसर में लगने वाली दुकानों में केवल कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपयोग की अनुमति होगी. घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने वालों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.शुद्ध भोजन पर निगरानी : खाद्य विभाग की टीम लगातार दुकानों और भंडारों से खाद्य सामग्री के नमूने ले रही है ताकि आगंतुकों को शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके.हाईवे का प्रबंधन : अमलाहा हाईवे पर यातायात सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने और पार्किंग व्यवस्था सुधारने का काम भी शुरू कर दिया गया है. भीड़ बढ़ने की स्थिति में हाईवे पर अतिरिक्त सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट की तैनाती की जाएगी.
अधिकारियों की तय जिम्मेदारी
कलेक्टर ने एसडीएम और जनपद सीईओ को आयोजन स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए हैं. प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि 14 से 20 फरवरी के बीच आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े और कार्यक्रम सुरक्षित एवं सुचारू तरीके से संपन्न हो.
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