लोकसभा चुनाव 2024: I.N.D.I.A ने निकाला BJP की मंदिर पॉलिटिक्स का तोड़? बिहार से फूंका जाएगा बिगुल
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव में जरूर भुनाएगी. विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ने इसकी काट के लिए रणनीति बना ली है.
बीजेपी की मंदिर पॉलिटिक्स का जवाब सामाजिक न्याय के वादे से देने की तैयारी है. विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ने आम चुनाव 2024 की साझा रणनीति के केंद्र में यही मुद्दा रखा है. बीजेपी के खिलाफ जंग का बिगुल बिहार से फूंका जाएगा जो सोशलिस्ट राजनीति का अगुवा रहा है. आने वाले दिनों में बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच 'कमंडल बनाम मंडल' की लड़ाई और तीखी होती दिखेगी. सिर्फ 10 दिन के भीतर ही तीन बड़े कार्यक्रम होने हैं जो अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनाव पर गहरा असर डाल सकते हैं. 14 जनवरी को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे. वहीं, 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे. 24 जनवरी से बिहार में कर्पूरी ठाकुर का जन्मशती समारोह शुरू होगा.
देश की सियासत का रुख तय करने वाले हैं ये कार्यक्रम
कांग्रेस ने INDIA के सहयोगी दलों को भी 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल होने का न्योता दिया है. मणिपुर से शुरू होकर राहुल की यह यात्रा महाराष्ट्र में खत्म होगी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने उम्मीद जताई कि विभिन्न राज्यों में इस गठबंधन से जुड़े दलों के प्रमुख नेता यात्रा का हिस्सा बनेंगे. कांग्रेस ने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले निकाली जा रही यह यात्रा 67 दिन में 15 राज्यों और 110 जिलों से होकर गुजरेगी. ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान लगभग 6,700 किलोमीटर की दूरी तय की जायेगी.
वहीं, बीजेपी ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर माहौल बना दिया है. प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी बीजेपी ने पूरे देश में प्रचार जारी रखने की योजना बनाई है. आरएसएस के स्वयंसेवक भी देशभर में फैले उत्साह को चुनाव तक बरकरार रखने में जुटेंगे. बीजेपी की ओर से स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है जो 22 जनवरी तक चलेगा. इसमें सभी मंदिरों की साफ-सफाई होगी.
विपक्ष ने राष्ट्रव्यापी जनगणना की मांग पुरजोर तरीके से उठाने का फैसला किया है. पिछले साल गांधी जयंती के मौके पर बिहार सरकार ने जाति सर्वे के आंकड़े जारी किए थे. राज्य में जदयू-राजद, कांग्रेस व अन्य की मिली-जुली सरकार है. सर्वे के आंकड़ों ने INDIA दलों की ओर से जाति आधारित जनगणना की मांग को और मजबूत किया.
जाति जनगणना पर बने माहौल से बीजेपी 'मंडल प्रेशर' महसूस कर रही है. नवंबर 2023 में बीजेपी ने सभी मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ ओबीसी नेताओं की बैठक बुलाई थी. यह तय करने के लिए कि जाति जनगणना न कराने के सियासी फायदे और नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं.
कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर जदयू ने 22-24 जनवरी के बीच तमाम कार्यक्रमों का प्लान बनाया है. नीतीश भी इनमें से कुछ कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. बिहार में जगह-जगह 'कर्पूरी चर्चा' भी आयोजित की जाएगी. दो बार बिहार के सीएम रहे कर्पूरी ठाकुर को देश में OBC और EBC आरक्षण का पुरोधा माना जाता है. 1978 में ठाकुर ने सरकार में सहयोगी जनसंघ के विरोध के बावजूद आरक्षण योजना शुरू की थी. उस समय देश में ऐसी आरक्षण व्यवस्था किसी और राज्य में नहीं थी.
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा, 'यह संयोग ही है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और कर्पूरी जयंती एक ही समय पर पड़ रहे हैं. बीआर आम्बेडकर के बाद केवल कर्पूरी ठाकुर ने ही आरक्षण और सामाजिक न्याय का मुद्दा प्रभावी ढंग से उठाया था. त्यागी ने ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की मांग दोहराई.
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