साजिद को जहर, अदनान को गोली... पाकिस्तान में पल रहे भारत के दुश्मनों का खेल खत्म हो रहा!
पिछले दो वर्षों में भारत के कई मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों का पाकिस्तान में सफाया हो गया है. यह आंकड़ा एक दर्जन से ज्यादा है. खास बात यह है कि पाक के अलग-अलग हिस्सों में रहस्यमय परिस्थितियों में या कहें अज्ञात हमलावरों ने भारत के दुश्मनों को ठिकाने लगा दिया. दो नाम और बढ़ गए हैं.
पाकिस्तान में पल रहे भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के शायद अब बुरे दिन शुरू हो गए हैं. एक के बाद एक इनका सफाया हो रहा है. जी हां, लश्कर-ए-तैयबा का टॉप आतंकी अदनान अहमद उर्फ अजाला अदनान उर्फ अदनान भाई उर्फ गाजी अदनान कराची में मारा गया है. बताते हैं कि अज्ञात हमलावरों ने बेहद कड़ी सुरक्षा घेरे में मौजूद गाजी को गोलियों से छलनी कर दिया. वह 2016 के पंपोर आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया था. इस हमले में CRPF के 8 जवान शहीद हो गए थे और 22 जख्मी हुए थे. इसी आतंकी ने 2015 में उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर भी हमला कराया था. इसमें 2 जवान शहीद हुए थे. दोनों हमलों के समय अदनान पाकिस्तान में बैठकर अपने गुर्गों को निर्देश दे रहा था. अब उसे ही किसी ने ठिकाने लगा दिया है.
किसी को जहर, किसी को गोली नसीब
यह खबर ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान में मुंबई हमले के आतंकी साजिद मीर को किसी ने जहर दे दिया. 26/11 हमले को अंजाम देने के बाद साजिद ने पहचान छिपाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराई थी. यह भी लश्कर का आतंकी है और कुछ घंटे पहले तक वेंटिलेटर पर बताया जा रहा था. टेरर फंडिंग में इसे 8 साल की जेल की सजा भी मिली थी. पिछले साल चुपचाप तरीके से इसे हिरासत में लिया गया था. पाकिस्तान इसके साथ हमदर्दी दिखा रहा था.
खास बात यह है कि साजिद मीर भारत ही नहीं, अमेरिका में भी मोस्ट वॉन्टेड आतंकी है. उस पर एफबीआई ने ईनाम घोषित कर रखा है. वह लश्कर के लिए युवाओं का ब्रेन वॉश कर उनकी भर्ती किया करता था. वह अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का भी हैंडलर बताया जाता है. कुछ समय से ऐसा कहा जा रहा था कि साजिद को अमेरिका प्रत्यर्पित करने का पाकिस्तान पर दबाव बढ़ रहा था.
अज्ञात ने कम की भारत की टेंशन
हां, भारत में काफी लोग और शायद एजेंसियां भी इन 'अज्ञात' लोगों से काफी खुश होंगी. पाकिस्तान में भारत के खिलाफ जहर उगलने, आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले और कश्मीर पर दिन रात साजिश बुनने वाले इन आतंक के आकाओं को मिट्टी में मिलाने का अभियान 'अज्ञात' ने छेड़ रखा है. अब मारे गए अदनान अहमद को हाफिज सईद का करीबी बताया जा रहा है. 2-3 दिसंबर की रात को इसे गोली मारी गई थी. गौर करने वाली बात यह है कि उस समय वह काफी प्रोटेक्शन में था लेकिन हमलावरों ने सेफ हाउस के बाहर ही उस पर गोलियों की बौछार कर दी. पाक फौज ने गुपचुप तरीके से उसे कराची के अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन 5 दिसंबर को वह चल बसा.
भारत के लिए राहत की बात
दरअसल, भारत लगातार पाकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ सबूत देता रहा है लेकिन उधर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती. भारतीय एजेंसियां ऐसे गुनहगारों को पकड़ने के लिए पाकिस्तान तो नहीं जा सकतीं, ऐसे में अज्ञात हमलावरों के अटैक में ऐसे दहशतगर्दों का मारा जाना राहत की खबर है.
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