सुलझी पहेली... राहुल चले रायबरेली, वायनाड सीट से उपचुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी
इस फैसले के ऐलान के समय राहुल गांधी ने यह भी कह दिया कि रायबरेली और वायनाड से दो-दो सांसद रहेंगे. उनके कहने का मतलब साफ है कि वे वायनाड सीट भले ही छोड़ रहे हैं लेकिन वहां से उनकी बहन प्रियंका गांधी उपचुनाव में अगली सांसद चुनी जाएंगी.
आखिरकार गांधी परिवार को सबसे चर्चित सीट रही रायबरेली का फैसला हो गया है. राहुल गांधी ने फैसला किया है कि वे रायबरेली सीट से सांसद बने रहेंगे और वायनाड सीट से उनकी बहन प्रियंका गांधी उपचुनाव लड़ेंगी. इस बात का ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की है. इस ऐलान के समय राहुल और प्रियंका दोनों मौजूद रहे. दोनों ने भी अपनी बात रखी है. राहुल गांधी ने कहा कि भाई बहन दोनों मिलकर रायबरेली और वायनाड की जनता की सेवा करेंगे.
असल में लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों से विजयी हुए थे. उनके सामने इस बात का धर्मसंकट था कि कौन सी सीट रखी जाए और कौन सी छोड़ी जाए. कयास पहले ही लगाए जा रहे थे कि वे रायबरेली सीट अपने पास रख सकते हैं. यही हुआ भी उन्होंने वायनाड सीट छोड़ने का ऐलान, अब इसी सीट से प्रियंका उप चुनाव लड़ेंगी.
फैसले पर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि रायबरेली और वायनाड दोनों जगह की जनता ने बेशुमार प्यार दिया है. ऐसे में मैं दोनों सीटें नहीं छोड़ना चाहता था. लेकिन कानून के मुताबिक एक सीट छोड़नी थी, इसलिए वायनाड सीट छोड़नी पड़ रही है लेकिन इस सीट से मेरी बहन प्रियंका उप चुनाव लड़ेगी और सांसद बनेगी. राहुल ने लगे हाथ यह भी कह दिया कि दोनों सीटों से दो दो सांसद रहेंगे और हम कोई भी सीट नहीं छोड़ रहे हैं
प्रियंका ने क्या कहा..
इस फैसले के साथ ही प्रियंका गांधी की भी चुनावी राजनीति में एंट्री हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई इस प्रेस ब्रीफिंग में प्रियंका भी मौजूद रहीं. उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले से खुशी है. वे अपने भाई की मदद के लिए मौजूद रहेंगी. उन्होंने भी यही कहा कि रायबरेली और वायनाड की जनता उनके लिए घर की जनता है. पिछले चुनाव में राहुल गांधी वायनाड सीट से ही चुनकर संसद पहुंचे थे.
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