काशी, उज्जैन, अयोध्या... अब कामाख्या कॉरिडोर से नॉर्थ ईस्ट को क्या मिलने वाला है?

अगर आप असम गए हैं तो मां कामाख्या के दर्शन जरूर किए होंगे. नहीं तो नाम सुना ही होगा. नीलांचल पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर इस समय चर्चा में है. यहां भी कॉरिडोर बन रहा है. इससे नॉर्थ ईस्ट को क्या फायदा होगा समझिए.

Feb 5, 2024 - 19:43
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काशी, उज्जैन, अयोध्या... अब कामाख्या कॉरिडोर से नॉर्थ ईस्ट को क्या मिलने वाला है?

मोदी सरकार देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों के कॉरिडोर बनाने पर काफी जोर दे रही है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर अब असम में कामाख्या मंदिर कॉरिडोर की शुरुआत हुई है. 498 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर को नया रूप दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालु सुगमता के साथ मां के दर्शन कर सकें. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे मंदिर, हमारे तीर्थ हमारी सभ्यता की यात्रा की अमिट निशानियां हैं. कामाख्या मंदिर गलियारा परियोजना पूरी हो जाने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस शक्ति पीठ में आएंगे और इससे पूरे पूर्वोत्तर के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा. कैसे, आइए समझते हैं.  

दरअसल, जब भी लोग यूपी, दक्षिण भारत या देश के किसी भी कोने से असम या नॉर्थ ईस्ट घूमने के लिए निकलते हैं तो मां कामाख्या के दर्शन करने जरूर जाते हैं. यहां कॉरिडोर बनने से ज्यादा संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे, साथ ही आगे नॉर्थ ईस्ट घूमने के लिए भी रुकेंगे. इसके लिए कामाख्या देवी मंदिर की लोकेशन के बारे में भी जान लीजिए. असम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे मां का धाम है. आप मेघालय घूमने जा रहे हों या सिक्किम या अरुणाचल प्रदेश का प्लान हो, गुवाहाटी के इस प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन कर आगे बढ़ सकते हैं.

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि आजादी के बाद सत्ता में रहे लोग पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके. मोदी ने कहा, ‘यह पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बन जाएगा.’ उन्होंने कहा कि ‘कामाख्या दिव्यलोक परियोजना’ इस शक्ति पीठ की तीर्थयात्रा के अनुभव को बिल्कुल बदल देगी. मां कामाख्या या कामेश्वरी मंदिर धरती पर 51 शक्ति पीठों में से एक है.

प्रधानमंत्री ने खुद बताया कि मां कामाख्या दिव्यलोक कॉरिडोर के बनने से कैसे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. दरअसल, आज के समय में देश में पर्यटन और तीर्थ यात्रा को लेकर उत्साह बढ़ रहा है. काशी कॉरिडोर बनने के बाद वहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. बीते एक साल में साढ़े आठ करोड़ लोग काशी गए. पांच करोड़ से ज्यादा लोगों ने उज्जैन में महाकाल महालोक के दर्शन किए और 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने केदारधाम की यात्रा की. 

मोदी ने कहा कि अयोध्या धाम में प्राण प्रतिष्ठा को अभी कुछ ही दिन हुए हैं. 12 दिन में ही अयोध्या में 24 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं. मां कामाख्या दिव्यलोक बनने के बाद यहां भी हम ऐसा ही दृश्य देखने वाले हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने से गरीब लोगों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलता है. 

देश में पांच अन्य कॉरिडोर बनकर तैयार हो गए हैं या काम जारी है. द्वारका, गुजरात में देवभूमि कॉरिडोर और मथुरा में बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर पर काम चल रहा है. उज्जैन में महाकाल लोक 850 करोड़ में 2022 में ही बन गया. 332 करोड़ में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बना है. 800 करोड़ में जगन्नाथ मंदिर हेरिटेज कॉरिडोर, पुरी में बना है.

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